राहुल गांधी पर विवादित बयान देने वाले बीजेपी विधायक की बढ़ी मुश्किलें, दर्ज हुआ पुलिस केस

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर बीजेपी के उडुपी विधायक यशपाल सुवर्णा की टिप्पणी ने कर्नाटक की राजनीति में उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने इस भड़काऊ बयान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

बीजेपी विधायक के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

कर्नाटक की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब उडुपी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक यशपाल सुवर्णा के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य मंजूनाथ भंडारी ने यह शिकायत दर्ज की है। उनका आरोप है कि विधायक ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणी की है, जो कानूनन गलत है।

राहुल गांधी को दी धमकी

विवाद की शुरुआत नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के आवास के बाहर इस मुद्दे को लेकर विरोध जताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यशपाल सुवर्णा ने एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी हर समय नशे में रहते हैं और उन्हें अपनी बातों का होश नहीं रहता। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए विधायक ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और कहा कि जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था, उसी अंदाज में वे राहुल गांधी के घर में घुसकर उनके पूरे वंश को मिटा देंगे।

1992 में जब हमारे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची थी, तब हमने अंदर घुसकर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। मैं राहुल गांधी को चेतावनी देता हूं कि हमारे कार्यकर्ता तुम्हारे घर में घुसकर तुम्हारे वंश को ही खत्म कर देंगे: यशपाल सुवर्णा, बीजेपी विधायक

कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग

कांग्रेस नेता मंजूनाथ भंडारी ने अपनी शिकायत में इस बयान को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल निंदनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस भाषण का वीडियो सबूत के तौर पर भी पेश किया है। कांग्रेस ने मांग की है कि जांच एजेंसियां इस मामले का संज्ञान लें और विधायक के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

21 जुलाई को हुआ था प्रदर्शन

यह पूरा विवाद 21 जुलाई को हुई उस घटना से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया था और कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। राहुल गांधी का यह प्रदर्शन उन छात्रों के समर्थन में था जो परीक्षा में धांधली को लेकर न्याय की मांग कर रहे थे।

https://www.indiatv.in/india/politics/bjp-mla-yashpal-suvarna-controversial-remark-on-rahul-gandhi-congress-police-complaint-karnataka-2026-07-29-1234067