रायपुर में बड़ी वारदात और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मोवा इलाके के पॉश इलाके अशोका आइकन में रहने वाले एक व्यापारी पंकज अग्रवाल के घर को निशाना बनाया गया। इस चोरी में कुल 70 लाख रुपए के नकद और कीमती जेवरात गायब हो गए थे। हालांकि, रायपुर पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद महज 6 घंटे के भीतर ही पुलिस ने न केवल आरोपियों को ट्रैक किया, बल्कि उन्हें नागपुर से गिरफ्तार कर पूरा माल बरामद भी कर लिया।
12 दिन पहले ही रखा गया था रसोइया
पीड़ित व्यवसायी पंकज अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वे 26 जुलाई को अपने परिवार के साथ काम के सिलसिले में नया रायपुर गए थे। उस समय घर पर केवल उनका रसोइया महेंद्र कुमार यादव मौजूद था। चौंकाने वाली बात यह है कि महेंद्र को काम पर रखे हुए अभी केवल 12 दिन ही हुए थे, क्योंकि उसे 14 जुलाई को ही नियुक्त किया गया था। रसोइए ने मालिक के घर से बाहर जाने के अवसर का लाभ उठाया और अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर पूरी योजना को अंजाम दिया।
अलमारी तोड़कर साफ किया सब कुछ
जब पंकज अग्रवाल का परिवार शाम करीब 7 बजे वापस घर लौटा, तो उन्हें सब कुछ अस्त-व्यस्त मिला। घर का मुख्य दरवाजा तो सुरक्षित था, लेकिन पीछे का गेट खुला हुआ था। अंदर जाकर देखा तो घर की अलमारी और लॉकर टूटे हुए थे। जांच में पता चला कि रसोइया महेंद्र वहां से 51.50 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के बेशकीमती आभूषण, सोने के सिक्के, पेन ड्राइव और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर गायब हो चुका था। इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
सीसीटीवी फुटेज से मिली सुराग
पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला और दीपमाला कश्यप के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तुरंत मामले की तहकीकात शुरू की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रसोइया महेंद्र यादव एक भारी बैग लेकर घर से निकलता हुआ दिखाई दिया, जिसके साथ एक अन्य युवक पिंटू यादव भी मौजूद था। तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंच चुके थे और वहां से समता एक्सप्रेस में बैठकर फरार हो गए थे।
नागपुर रेलवे स्टेशन पर बिछाया जाल
पुलिस ने बिना देरी किए आरपीएफ (RPF) से संपर्क साधा और आरोपियों की लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। उनकी सटीक स्थिति जानने के बाद, नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की गई। आरपीएफ की मदद से पुलिस ने ट्रेन से उतरते ही दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय महेंद्र यादव और 25 वर्षीय पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के बांका जिले के निवासी हैं। पुलिस ने पूछताछ में पाया कि आरोपियों ने पहले से ही चोरी की गहरी साजिश रच रखी थी। पुलिस ने पंडरी थाना में मामला दर्ज कर लिया है और बरामद किए गए 70 लाख रुपए के सामान को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है।
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