मोतिहारी सदर अस्पताल में मची अफरा-तफरी
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने मोतिहारी सदर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और मरीजों के होश उड़ा दिए। आमतौर पर सांप काटने के बाद लोग डर के मारे घबरा जाते हैं, लेकिन चिरैया थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव के रहने वाले निर्भय कुमार ने जो किया वह किसी के भी विश्वास से परे था। वह सांप काटने के बाद डरे नहीं, बल्कि उल्टे सांप को ही पकड़कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गए।
डिब्बे में बंद था जहरीला कोबरा
सोमवार की सुबह जब निर्भय कुमार को एक जहरीले कोबरा (गेहूंअन) के बच्चे ने डस लिया, तो उन्होंने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया। निर्भय ने सांप को जिंदा पकड़ा और उसे एक प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया। इसके बाद वह सीधे मोतिहारी सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए। अस्पताल के कर्मचारियों को उस समय तक यह अंदाजा नहीं था कि युवक के हाथ में मौजूद डिब्बे के अंदर क्या है। जैसे ही इलाज शुरू करने के लिए निर्भय ने डिब्बे का ढक्कन हटाया, उसमें रेंगता हुआ जहरीला कोबरा देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सांप को साथ लाने का कारण
युवक ने इतना बड़ा जोखिम इसलिए उठाया क्योंकि अक्सर डॉक्टर इलाज के दौरान मरीज से सांप की पहचान के बारे में पूछते हैं ताकि वे सही एंटी-वेनम इंजेक्शन लगा सकें। निर्भय को लगा कि यदि वह सांप को साथ ले जाएगा, तो डॉक्टर सांप की प्रजाति को आसानी से पहचान लेंगे और उसका इलाज सटीक तरीके से हो पाएगा। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए निर्भय का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। सही समय पर मेडिकल सहायता मिलने के कारण उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। हालांकि, चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर उसे 12 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने का निर्णय लिया है।
डॉक्टरों की सख्त सलाह और अपील
इस घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि सांप के काटने पर किसी भी मरीज को सांप को पकड़ने या उसे साथ लाने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। यह जानलेवा साबित हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि:
- सांप के काटने के बाद सांप को ढूंढने या पकड़ने में अपना कीमती समय बिल्कुल बर्बाद न करें।
- समय की बर्बादी से जहर पूरे शरीर में फैल सकता है, इसलिए सबसे पहले बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
- सांप काटने पर ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि यह अंधविश्वास जान पर भारी पड़ सकता है।
- सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध होते हैं, इसलिए सीधे मेडिकल सहायता लेना ही एकमात्र सुरक्षित उपाय है।
डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि इलाज के लिए सांप का साथ होना कतई अनिवार्य नहीं है। किसी भी व्यक्ति को ऐसे खतरनाक जीव को पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सांप की एक और कोशिश मरीज की जान खतरे में डाल सकती है।
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