सीवान में बवाल के बाद वायरल हुआ वीडियो
बिहार के सीवान में बीते 25 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उपजे हालात ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। इस विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सवालों के घेरे में अब एक वायरल वीडियो है, जिसमें एक पुलिस का जवान AK-47 से फायरिंग करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आते ही यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां बरसाई थीं। इस पूरे मामले पर अब सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
प्रशासन का दावा: जवान ने आत्मरक्षा में की फायरिंग
सीवान के डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा ने वायरल हो रहे उस वीडियो पर खुलकर बात की है, जिसमें एसआईटी से जुड़ा एक जवान हथियार लहराते और गोली चलाते दिख रहा है। प्रशासन का कहना है कि उस दिन हालात बेहद नियंत्रण से बाहर हो गए थे। प्रदर्शनकारियों की भीड़ इतनी उग्र थी कि पुलिस जवान खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ महसूस कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि जवान को उच्च अधिकारियों की ओर से फायरिंग करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला था। फिर भी, अपनी जान को खतरे में देख और भीड़ के बीच घिर जाने के कारण जवान ने हवाई फायरिंग की थी। पुलिस प्रशासन का यह भी दावा है कि AK-47 से चली गोलियां हवा में चलाई गई थीं और उनका लक्ष्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं था। प्रशासन ने यह भी कहा है कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं कि AK-47 की गोली से किसी भी प्रदर्शनकारी को चोट नहीं लगी है।
गोली लगने वाले 3 युवकों का सच क्या है?
प्रशासन के इन दावों के बीच सबसे बड़ा और पेचीदा सवाल यह उठ रहा है कि अगर पुलिस की AK-47 से किसी को गोली नहीं लगी, तो फिर अस्पताल में भर्ती हुए वे तीन युवक कौन हैं जिन्हें गोली लगी थी? इस घटना के बाद तीन युवकों के घायल होने और उन्हें अस्पताल ले जाने की खबरें आई थीं। इनमें से एक युवक अस्पताल से उपचार के बाद छुट्टी पा चुका है, जबकि अन्य दो युवकों की हालत अभी खतरे से बाहर बताई जा रही है। ऐसे में यह प्रश्न अनुत्तरित है कि आखिर उन तीनों युवकों के शरीर में गोली किस हथियार से लगी? क्या किसी दूसरे हथियार का इस्तेमाल हुआ था? क्या भीड़ के बीच से किसी अन्य व्यक्ति ने फायरिंग की थी? या फिर घटनास्थल पर कोई और ही स्थिति थी जो अब तक सामने नहीं आ सकी है? इन सवालों के जवाब पाने के लिए फिलहाल विस्तृत जांच की प्रक्रिया जारी है।
जवान अभिषेक पटेल पर गिरी गाज
प्रशासन ने इस पूरे मामले में सख्ती दिखाते हुए आरोपी जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वीडियो में साफ तौर पर अभिषेक पटेल को फायरिंग करते देखा गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने उसे सस्पेंड कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यह फायरिंग एक अनधिकृत कार्रवाई थी और इसे किसी भी हाल में सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। वीडियो के सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने बिना किसी देरी के जवान पर कार्रवाई कर यह संकेत देने की कोशिश की है कि ऐसी अनियंत्रित फायरिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, जवान के सस्पेंशन के बाद भी यह बहस जारी है कि क्या सिर्फ एक जवान के खिलाफ कार्रवाई से पूरा सच सामने आ पाएगा?
30 पुलिसकर्मी हुए थे जख्मी
सीवान की इस घटना में तनाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि झड़प के दौरान सीवान एसपी सहित लगभग 30 पुलिसकर्मियों और कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आई थीं। स्थिति इतनी विस्फोटक हो गई थी कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। यह संघर्ष एक सामान्य विरोध प्रदर्शन की सीमा पार कर हिंसक झड़प में तब्दील हो गया था, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के घायल होने और उसके बाद AK-47 के इस्तेमाल की तस्वीरों ने इस घटना को बिहार के सबसे चर्चित मामलों में से एक बना दिया है।
जांच के दायरे में हैं ये दो अहम बिंदु
फिलहाल सीवान की इस पूरी घटना के केंद्र में दो मुख्य सवाल खड़े हैं। पहला, जवान अभिषेक पटेल ने कुल कितनी गोलियां चलाई थीं और क्या वे सभी वाकई हवाई फायरिंग थीं या फिर उनका निशाना कुछ और था? दूसरा, यदि प्रशासन के अनुसार उन गोलियों से किसी को चोट नहीं लगी, तो फिर वे तीन युवक कौन हैं जिन्हें गंभीर रूप से गोली लगने के घाव मिले? पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि घटना के समय मौके पर क्या हुआ था। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों और बिना पुष्टि किए हुए वीडियो के आधार पर कोई अफवाह न फैलाएं। जांच के नतीजे ही अब स्पष्ट कर पाएंगे कि उन तीन युवकों को लगी गोली के पीछे का असली कारण क्या है।
https://hindi.news18.com/news/bihar/siwan-ak47-firing-video-siwan-police-jawan-suspended-three-youths-shot-investigation-ws-n-10694703.html