मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, एसी रूम का एक्टिविस्ट नहीं: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे के बाद आया पहला बयान

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी कार्यशैली पर बड़ी बात कही है। संसद भवन में कांग्रेस नेता जयराम रमेश के साथ हुई एक संक्षिप्त मुलाकात के दौरान उन्होंने खुद को जमीन से जुड़ा नेता बताया।

संसद गलियारे में पुरानी यादें और तीखी प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला आधिकारिक रुख सामने आया है। संसद भवन के गलियारे में उनकी मुलाकात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश से हुई। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट लहजे में कहा कि वे एक स्ट्रीट फाइटर हैं और एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले एक्टिविस्ट नहीं हैं। बातचीत के दौरान पुरानी यादें ताजा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि एक समय जयराम रमेश ने अटल बिहारी वाजपेयी की शासन प्रणाली की प्रशंसा की थी, जिसके बाद वे खुद उन्हें खोजने के लिए एआईसीसी कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि जब जयराम रमेश वाणिज्य मंत्री थे और वे सांसद थे, तब वे अपने संसदीय क्षेत्र की मिर्च से संबंधित समस्याओं को लेकर उनके कार्यालय गए थे। इस मुलाकात के बीच जब जयराम रमेश ने इट हैपन्स कहा, तो धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि नथिंग हैपन्स, मैं एक स्ट्रीट फाइटर हूं, एसी रूम का एक्टिविस्ट नहीं।

पेपर लीक के खिलाफ 2024 और नए कानून में बड़ा अंतर

इस घटनाक्रम के बीच सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस नए बिल में साल 2024 के कानून की तुलना में बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • नए एंटी पेपर लीक कानून में अलग-अलग श्रेणियों के लिए पृथक प्रावधान तय किए गए हैं। इसमें यदि कोई व्यक्ति अकेला दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया अलग होगी, जबकि यदि कोई संगठित गिरोह का हिस्सा है, तो उसके लिए नियमों को और अधिक कड़ा किया गया है।
  • सिर्फ गिरोह के सदस्यों पर ही नहीं, बल्कि सेवा प्रदाता कंपनियों पर भी नकेल कसी गई है। बॉयोमैट्रिक डेटा और प्रश्न पत्रों के परिवहन में शामिल एजेंसियों के किसी भी सदस्य, निदेशक या प्रबंधन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी के दोषी पाए जाने पर सजा के प्रावधान को पहले की तुलना में काफी सख्त किया गया है। पूर्व में मिलने वाली 5 साल की सजा को बढ़ाकर अब 10 साल कर दिया गया है। इसके साथ ही, आर्थिक दंड की राशि भी 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है।

सांसदों ने किया स्वागत

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद भवन पहुंचे, तो वहां मौजूद एनडीए के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान काफी सहज और मुस्कुराते हुए नजर आए। इस मौके पर वहां उपस्थित एक सांसद ने टिप्पणी की कि यह अपने आप में पहली बार है कि किसी मंत्री ने बिना किसी प्रकार के आरोप या दबाव के पद से इस्तीफा दिया है।

https://www.indiatv.in/india/politics/dharmendra-pradhan-first-statement-after-resignation-says-i-am-a-street-fighter-not-an-ac-room-activist-2026-07-27-1233684