मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाके बालाघाट के एक छोटे से गांव मंझारा के युवा सिद्धार्थ गेडाम ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। सिद्धार्थ को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बातचीत करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है। यह दूसरा मौका है जब सिद्धार्थ ने प्रधानमंत्री के साथ किसी राष्ट्रीय मंच पर संवाद किया है। दरअसल, उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026' के लिए किया गया है। सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले आदिवासी अंचल के पांच जिलों में से सिद्धार्थ गेडाम इकलौते ऐसे प्रतिभागी हैं, जिन्हें इस बड़े कार्यक्रम के लिए चुना गया है।
कड़ी परीक्षा और कड़ी मेहनत के बाद हुआ चयन
सिद्धार्थ गेडाम की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लंबी तैयारी रही है। इस कार्यक्रम के आयोजन और चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि इस राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के आपसी समन्वय से किया गया था। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने सबसे पहले 'माय भारत पोर्टल' पर ऑनलाइन आवेदन किया था।
आवेदन करने के बाद चयन की राह इतनी आसान नहीं थी। उन्हें कई कठिन चरणों से गुजरना पड़ा:
- पहले चरण में उन्हें एक ऑनलाइन क्विज यानी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लेना पड़ा और उसमें सफलता हासिल करनी पड़ी।
- क्विज प्रतियोगिता पास करने के बाद अगले चरण में एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
- इस निबंध प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद अंततः सिद्धार्थ का चयन 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026' के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए किया गया।
जबलपुर संभाग के पांच प्रमुख जिलों, जिनमें बालाघाट, सिवनी, मंडला, नैनपुर और छिंदवाड़ा शामिल हैं, में से राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने वाले सिद्धार्थ एकमात्र युवा हैं, जो इस पूरे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
कलेक्ट्रेट में हुआ कार्यक्रम, पीएम मोदी ने दिया 'पहला गांव' का मंत्र
इस ऐतिहासिक संवाद कार्यक्रम के लिए बालाघाट कलेक्ट्रेट कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष व्यवस्था की गई थी। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए कई वॉलिंटियर्स सुबह 11:00 बजे से ही कलेक्ट्रेट में एकत्र हो गए थे। सभी लोग प्रधानमंत्री के लाइव संवाद को सुनने और देखने के लिए उत्सुक थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद का यह मुख्य कार्यक्रम शाम को ठीक शाम 4:30 बजे शुरू हुआ। इस संवाद के दौरान देश के सीमावर्ती और वाइब्रेंट गांवों के विकास, वहां के युवाओं के अनुभव, युवा नेतृत्व क्षमता, सामुदायिक सहभागिता, राष्ट्रीय एकता और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य यानी 'विकसित भारत 2047' के विजन पर देश भर के युवाओं से विस्तृत चर्चा की गई। इस वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में देश भर के करीब 150 गांवों के युवा प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के विकसित भारत के विजन को पूरा करने में देश के ग्रामीण अंचलों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब हमें देश के सुदूर और सीमावर्ती ग्रामीण अंचलों को भारत का 'आखिरी गांव' कहने की मानसिकता को छोड़ना होगा, बल्कि इन गांवों को देश का 'पहला गांव' कहकर संबोधित करना होगा, क्योंकि विकास की शुरुआत यहीं से होती है।
एक ग्रामीण युवा के लिए गर्व का क्षण
इस बातचीत के बाद सिद्धार्थ गेडाम बेहद उत्साहित और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि एक बेहद साधारण और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के कारण देश के प्रधानमंत्री से इस प्रकार सीधा संवाद करना उनके लिए जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है। उन्होंने बताया कि इस पूरे सफर के दौरान उन्हें स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर मार्गदर्शन मिला है।
इस बड़ी उपलब्धि पर क्षेत्र की सांसद भारती पारधी ने भी सिद्धार्थ को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। सिद्धार्थ ने बताया कि इस सफलता के बाद अब उन्हें उनके पुराने स्कूल और स्थानीय संस्थानों में व्याख्यान और संबोधन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, जिससे वे अन्य ग्रामीण युवाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें।
पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर जमा चुके हैं धाक
यह पहली बार नहीं है जब सिद्धार्थ गेडाम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वे इससे पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश और अपने जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इससे पहले उन्होंने निम्नलिखित उपलब्धियां हासिल की हैं:
- 'विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट' के दौरान मध्य प्रदेश लेजिस्लेटिव असेंबली यानी विधानसभा में बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए एक बेहद प्रभावशाली भाषण दिया था, जिसकी चारों तरफ काफी प्रशंसा हुई थी।
- इसके अलावा, वे 'बजट क्वेस्ट-2026' में भी राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो चुके हैं, जहां उन्हें पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला था।
- वे भारत सरकार के माय भारत अभियान और देश भर में आयोजित होने वाली विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं एवं जनभागीदारी कार्यक्रमों में लगातार एक सक्रिय वॉलिंटियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सिद्धार्थ की यह सफलता न केवल बालाघाट बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है कि कैसे एक छोटे से गांव से निकलकर भी देश के सर्वोच्च स्तर पर अपनी आवाज पहुंचाई जा सकती है।
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