छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी: कैंसर पीड़ित पति के इलाज का झांसा देकर महिला से ठगे 13 लाख रुपये, पैसे वापस मांगने पर दी कत्ल के केस और CBI की धमकी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक लाचार महिला को उसके पति के कैंसर का जादुई इलाज करने का झांसा देकर जालसाजों ने 13 लाख रुपये से अधिक की ठगी की और बाद में पैसे लौटाने के बदले पुलिस व जांच एजेंसियों का डर दिखाया।

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से धोखाधड़ी का एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लाचार पत्नी अपने पति की जान बचाने के लिए अंधविश्वास और झूठे वादों के जाल में फंस गई। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति को ठीक करने का दावा कर ठगों ने एक महिला से लाखों रुपये ऐंठ लिए। जब पति की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और महिला ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे राहत देने के बजाय डराना-धमकाना शुरू कर दिया। ठगों ने पीड़िता को हत्या के झूठे मामले में फंसाने और CBI जांच का डर दिखाकर चुप कराने की कोशिश की। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

धार्मिक चैनल के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का सिलसिला

यह मामला बालोद जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिर्री ग्राम का है। यहाँ रहने वाली 55 वर्षीय प्रेमलता चंद्राकर का परिवार खेती-किसानी कर अपना गुजारा करता है। प्रेमलता के पति ऋषि चंद्राकर कैंसर की चौथी स्टेज यानी आखिरी चरण से जूझ रहे हैं। अपने पति को मौत के मुंह से बाहर निकालने के लिए प्रेमलता हर संभव प्रयास कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने एक धार्मिक टेलीविजन चैनल पर पंडित वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखा।

विज्ञापन में दावा किया जा रहा था कि जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के माध्यम से किया जा सकता है। हताश प्रेमलता ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान संस्था के लोगों ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि उनके पति की गंभीर बीमारी को पूजा-पाठ और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। अपने पति की जिंदगी की खातिर प्रेमलता उनकी हर बात मानने के लिए तैयार हो गईं।

पूजा-पाठ के नाम पर वसूल की गई भारी-भरकम राशि

एक बार जब पीड़िता आरोपियों के झांसे में आ गई, तो उनसे अलग-अलग अनुष्ठानों और विशेष पूजा के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जाने लगी। ठगी का यह सिलसिला नवंबर 2024 से शुरू हुआ और इस साल 30 मई तक लगातार चलता रहा।

पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि सबसे पहले राहुल तिवारी नाम के आरोपी ने उनसे UPI के माध्यम से क्यूआर कोड पर 30 हजार रुपये जमा करवाए थे। इसके ठीक बाद 28 नवंबर 2024 को पूजा सामग्री के नाम पर 18 हजार रुपये और मांगे गए। पति की सेहत सुधरने की उम्मीद में प्रेमलता लगातार पैसे भेजती रहीं। रकम इतनी बड़ी थी कि उनके पास जमा पूंजी खत्म हो गई, जिसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और बेटी से पैसे उधार लिए और अपना सोना भी गिरवी रख दिया।

महिला ने विभिन्न बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर कुल 13,13,673 रुपये ट्रांसफर किए। इस राशि को जुटाने के लिए उन्होंने निम्नलिखित लोगों से मदद ली थी:

  • अपनी बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपये उधार लिए।
  • अपने परिचित अमन देवांगन से 7.4 रुपये लिए।
  • छत्रपाल साहू से 2.5 लाख रुपये की मदद ली।
  • जयंत देशमुख से 73 हजार रुपये लिए।
  • तुषार साहू से 40 हजार रुपये जुटाए।
  • नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपये की राशि उधार ली।

पैसे वापस मांगने पर रची खुदकुशी और कत्ल की झूठी कहानी

काफी समय बीत जाने और लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जब ऋषि चंद्राकर की तबीयत में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ, तो प्रेमलता को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने संस्था के लोगों से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे। इसके बाद ठगों ने अपना रंग बदलना शुरू कर दिया।

पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद उनके पास पंडित वेद प्रकाश तिवारी के नाम से एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने सहानुभूति जताते हुए कहा कि संस्था के कुछ कर्मचारियों ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की है। उसने झांसा दिया कि वह दो महीने के भीतर उनकी पूरी रकम वापस करवा देगा।

हालांकि, पैसे लौटाने के बजाय आरोपियों ने एक नई साजिश रची। कुछ दिनों बाद पीड़िता को फोन पर बताया गया कि आरोपी राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और उन्होंने अपने सुसाइड नोट में प्रेमलता चंद्राकर और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है। आरोपियों ने इस काल्पनिक सुसाइड नोट का डर दिखाकर महिला से फिर से पैसों की मांग शुरू कर दी। उन्होंने प्रेमलता को धमकी दी कि यदि उन्होंने और पैसे नहीं भेजे, तो उत्तर प्रदेश की पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने छत्तीसगढ़ आएगी, मामले की CBI जांच कराई जाएगी और उन्हें हत्या के कत्ल के केस में फंसा दिया जाएगा। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपियों की तलाश जारी

पीड़िता की तहरीर पर बालोद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और UPI आईडी पर किए गए सभी लेनदेन के विवरण को अपने कब्जे में ले लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मोनिका ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर रनचिरई थाने में आरोपी वेद प्रकाश तिवारी, राहुल तिवारी, सृजन तिवारी और उनके अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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