बिहार छात्र आंदोलन पर गरमाई सियासत
बिहार में इन दिनों छात्रों का विरोध प्रदर्शन और उसे शांत कराने के लिए की गई पुलिस की कार्रवाई एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुकी है। इस पूरे मामले में लाठीचार्ज, वाटर कैनन का उपयोग और छात्रों की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बीच विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाए जाने का गंभीर आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा दे दी है, और अब सबकी नजरें कॉक्रोच जनता पार्टी यानी CJP की अगली रणनीति पर टिकी हैं।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा प्रहार
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में स्पष्ट लिखा कि छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा हो चुका है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी खबरें मिल रही हैं कि बिहार में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल किया गया और सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लेकर उन पर FIR दर्ज की जा रही है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया कि छात्रों पर कोई भी एफआईआर नहीं करने और उन्हें रिहा करने का जो वादा किया गया था, उसका क्या हुआ? उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल और बिहार में AK-47 चलाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि चाहे उत्तर प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, दिल्ली हो या फिर बिहार, सरकार का तरीका एक ही है कि किसी भी हाल में युवाओं की आवाज को दबा दिया जाए।
प्रदर्शन और विवाद की जड़
बिहार में चल रहे इस छात्र आंदोलन की मुख्य वजह NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक होने के आरोप हैं। इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्र सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। 23 जुलाई को कटिहार, दरभंगा और बेगूसराय जैसे जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। इन स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पथराव जैसी हिंसक घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का सहारा लिया। इसके बाद 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान पटना, सीवान और छपरा सहित राज्य के कई अन्य इलाकों में तनाव का माहौल देखा गया, जिसमें पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया।
गोलीबारी के दावे पर क्या है स्थिति
राहुल गांधी के दावे के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। राहुल गांधी के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी पुलिस द्वारा फायरिंग किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड में अब तक लाठीचार्ज, वाटर कैनन का प्रयोग और हिंसक झड़पों का ही विवरण मिलता है। AK-47 से सीधे छात्रों पर गोली चलाने के दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, सीवान की घटना में जिस पुलिसकर्मी पर AK-47 का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा था, उसे निलंबित कर दिया गया है। इससे यह संकेत जरूर मिलते हैं कि वहां हालात नियंत्रण से बाहर हुए थे और कुछ न कुछ असामान्य घटना जरूर घटी थी।
CJP की सक्रियता और भविष्य की राह
इस बीच, कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) का इस छात्र आंदोलन में शामिल होना एक बड़ा मोड़ लेकर आया है। संगठन ने 24 जुलाई को छात्रों के समर्थन में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया था। पटना में हुए इस प्रदर्शन में छात्रों और समर्थकों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जहां पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि छात्र संगठनों के साथ-साथ CJP जैसे अन्य समूहों का जुड़ाव और अधिक बढ़ता है, तो यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। यह सरकार के खिलाफ एक बहुत बड़े राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो सकता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आने वाले 15 अगस्त के बाद CJP की पूरी टीम एक बार फिर बिहार में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन की योजना बना रही है। यह प्रदर्शन बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में क्या रंग दिखाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। छात्र आंदोलन अब पूरी तरह से एक सियासी हथियार बन चुका है, जिससे सत्ताधारी दल पर दबाव निरंतर बढ़ रहा है।
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