हिमाचल प्रदेश में अगले 4 दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, भूस्खलन से 135 सड़कें ठप

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की मार जारी है, जहाँ भारी बारिश के कारण लाहौल में पुल बह गया है और चंबा में नदी में बहे युवकों की तलाश की जा रही है। राज्य भर में भूस्खलन के चलते 135 सड़कें बंद कर दी गई हैं और मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए चेतावनी जारी की है।

हिमाचल में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज

हिमाचल प्रदेश में इस बार मॉनसून सीजन के दौरान बारिश का दौर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, लेकिन अब प्रकृति का रौद्र रूप सामने आने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग की ओर से 28 जुलाई से 31 जुलाई के बीच प्रदेश के तीन से पांच जिलों के चुनिंदा इलाकों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में अब तक मॉनसून के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में 15 लोगों की जान जा चुकी है।

चंबा में नदी में बहे दो युवक

चंबा जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। रात के करीब 11 बजे दो बाइक सवार अचानक साल नदी में गिर गए। हादसे में 17 वर्षीय शुभम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, उसके साथ मौजूद 19 वर्षीय सक्षम अभी भी लापता है। दोनों युवक सारू, चंबा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। लापता युवक की तलाश के लिए एनडीआरएफ, चंबा पुलिस, फायर विभाग और होमगार्ड की टीमें मिलकर एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

लाहौल में फिर टूटा अस्थाई पुल

लाहौल घाटी में कुदरत का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात मयाड़ घाटी के धोन्धल नाले में बादल फटने की घटना के बाद एक बार फिर अस्थाई पुल बह गया। इस पूरे मामले पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि विभाग ने सड़क को तुरंत बहाल करने का प्रयास किया है और मशीनें मौके पर तैनात हैं। इसके साथ ही जनता की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक झूला भी स्थापित किया गया है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि धोन्धल नाले में पिछले कई वर्षों में 8 से 10 बार छोटे और बड़े पुल बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कोई काम नहीं हो रहा है, ऐसा सोचना गलत है। बादल फटने और बाढ़ की विकराल स्थिति के कारण अक्सर की गई सारी मेहनत बेकार हो जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने एक बड़े फ्लाईओवर नुमा पुल को मंजूरी दी है, जिसकी कागजी प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि इसी साल इस काम को शुरू कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े।

135 सड़कों पर आवाजाही ठप

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, भारी बारिश के चलते भूस्खलन और फ्लैश फ्लड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पूरे प्रदेश में अभी 135 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिला कुल्लू है, जहां 54 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा मंडी में 43, शिमला में 15, चंबा में 8, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में 5-5, सिरमौर में 4 और ऊना में 1 सड़क बंद होने की सूचना है।

लाहौल में जोबरंग पुल भी बीती शाम चंद्रभागा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण डूब गया था। जब भी मौसम थोड़ा खुलता है, जलस्तर और बढ़ जाता है, जिससे पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है। इसके अलावा, राज्य की 38 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और 44 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी इस खराब मौसम से प्रभावित हुए हैं।

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

रविवार शाम तक बीते 24 घंटे में राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सुंदरनगर में सबसे अधिक 65.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला मौसम केंद्र ने आगामी 1 अगस्त तक पूरे राज्य में बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने 28 जुलाई को शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 29 जुलाई को ऊना, कांगड़ा और सिरमौर, तथा 30 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मंडी के धर्मपुर में पारच्छु पुल के पास भी सड़कों पर कीचड़ के कारण वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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