गुरु पूर्णिमा का विशेष अवसर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में गुरु के स्थान और उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने जीवन में गुरुजनों का सदैव सम्मान और स्मरण करें। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि लोग अपने गुरुओं द्वारा दिखाए गए आदर्शों को अपने जीवन में उतारें, तो न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि इससे एक समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व
अपने पत्र में योगी आदित्यनाथ ने विस्तार से बताया है कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म का दर्जा दिया गया है। आगामी विक्रम संवत् 2083 की आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा, जो कि 29 जुलाई, 2026 को पड़ रही है, वह गुरु पूर्णिमा का पवित्र दिन है। यह दिन हमारे लिए गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान को अभिव्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन परंपरा में इसे महर्षि वेदव्यास की स्मृति में व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा, बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन की याद दिलाता है। जैन धर्म में यह गौतम स्वामी के ज्ञान प्राप्ति से जुड़ा है और सिख परंपरा में भी गुरु की वाणी को सर्वोपरि माना गया है। अतः, यह दिन आध्यात्मिक चेतना और गुरु-शिष्य की शाश्वत परंपरा का एक महापर्व है।
गुरु का सम्मान और समाज की प्रगति
मुख्यमंत्री ने इतिहास और पौराणिक कथाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से संस्कार ग्रहण किए और भगवान श्रीकृष्ण ने भी महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की। कठोपनिस्द के नचिकेता का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार सत्य और ज्ञान का मार्ग क्षणिक सुख से बड़ा होता है। जिस समाज में गुरु का सम्मान होता है, वह निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर रहता है। इसी विचार को आधार मानकर उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों से शिक्षकों के सम्मान और उनके सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, समय पर सेवा संबंधी लाभ, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता और क्षमता वर्धन के माध्यम से शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समर्थ और बेहतर वातावरण देने का प्रयास किया है।
शिक्षकों का कल्याण है सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों का मान और कल्याण सर्वोपरि है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की गई है। इस योजना का लाभ बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 60 लाख शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिल रहा है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा विभाग के निजी एवं सरकारी विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त कॉलेजों के 7.50 लाख से ज्यादा शिक्षकों और उनके परिजनों को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। आने वाले समय में 2.50 लाख और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना का फायदा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें सामाजिक सुरक्षा के तहत बीमा कवर भी दिया जा रहा है।
गुरु के मार्ग पर चलकर ही होगा विकास
अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि वे जीवन को दिशा दिखाने का कार्य भी करते हैं। वे अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे गुरु के दिखाए सत्य और संस्कार के पथ पर आगे बढ़ें, क्योंकि गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी है।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/yogi-ki-paati-on-guru-purnima-says-always-remember-your-teachers-2026-07-27-1233605