बिहार में घर घर शुद्ध पानी का संकल्प, पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने साझा की विभाग की बड़ी योजनाएं

बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने पर पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने राज्य में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने जल्द ही पानी की शिकायतों के निवारण की समय सीमा को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे करने का लक्ष्य रखा है।

सरकार की प्राथमिकता में स्वच्छ जल

बिहार की राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग यानी पीएचईडी के मंत्री संजय सिंह ने विभाग की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा जोखा जनता के सामने रखा है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के हर घर तक सुरक्षित और साफ पेयजल पहुंचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग पिछले तीन महीनों से पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहा है।

नल जल योजना का विस्तार और चापाकलों की मरम्मत

संजय सिंह ने जानकारी दी कि राज्य के उन सुदूर गांवों और टोलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया गया है, जो अब तक नल जल योजना की मुख्यधारा से अछूते थे। इन क्षेत्रों में अब तेजी से पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य भर में खराब पड़े हुए चापाकलों को ठीक करने का एक बड़ा अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान लोगों को पानी के लिए दर दर न भटकना पड़े, इसके लिए पुरानी और बंद पड़ी जल प्रणालियों को मरम्मत के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है।

48 घंटे में शिकायतों का निपटारा

जल संकट से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने डिजिटल माध्यमों को अपनाया है। सीजीआरसी पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए फोन, व्हाट्सऐप, आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल जैसे विकल्प दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि वर्तमान में शिकायतों का निवारण 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है, लेकिन इसे और भी अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग जल्द ही इस समय सीमा को घटाकर 24 घंटे करने पर विचार कर रहा है।

पानी की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पानी पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका शुद्ध होना भी अनिवार्य है। अब बिहार के हर जिले में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां प्रखंड स्तर पर भी जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन क्षेत्रों में आर्सेनिक, फ्लोराइड या आयरन की मात्रा अधिक पाई जाती है, वहां विभाग तत्काल प्रभाव से पानी को शुद्ध करने के उपाय कर रहा है। दूषित पानी की समस्या वाले इलाकों में विशेष तकनीक के जरिए पानी को फिल्टर करके ही घरों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

भूजल स्तर में सुधार का दावा

संजय सिंह ने राज्य में भूजल स्तर को लेकर भी सकारात्मक आंकड़े पेश किए। उनके दावों के अनुसार, वर्ष 2019 की तुलना में बिहार में पानी का स्तर नीचे नहीं गया है, बल्कि कुछ क्षेत्रों में इसमें सुधार देखा गया है। कई स्थानों पर तो काफी कम गहराई पर ही स्वच्छ जल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का ही यह परिणाम है। भविष्य में जनता की सुविधा के लिए कॉल सेंटर का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा।

राजनीतिक सफर और भविष्य की राह

अपने निजी राजनीतिक सफर के बारे में बात करते हुए मंत्री ने बताया कि उन्होंने साल 2007 में लोक जनशक्ति पार्टी से अपनी राजनीति शुरू की थी। इस दौरान उन्हें रामविलास पासवान और चिराग पासवान के सानिध्य में काम करने का बहुमूल्य अवसर मिला। वर्ष 2020 में चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद, उन्होंने महुआ क्षेत्र के लोगों के बीच अपनी सक्रियता बनाए रखी। इसी का प्रतिफल है कि आज जनता ने उन पर विश्वास जताया है। उत्तर प्रदेश में पार्टी के विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि रणनीतियां तैयार की जा रही हैं, लेकिन चुनावों में कितनी सीटों पर भाग लेना है, इसका अंतिम निर्णय पार्टी का नेतृत्व ही करेगा।

https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-dss-bihar-exclusive-phed-minister-sanjay-singh-lists-the-departmens-achievements-local18-ws-l-10691812.html