अंबाला सड़क हादसे का दर्द: एक घर की मुखिया गई तो अनाथ हो गए 43 बेजुबान

हरियाणा के अंबाला में एक सड़क हादसे ने न सिर्फ एक युवा लड़की की जान ले ली, बल्कि उसके द्वारा पाले जा रहे 43 बेजुबानों के सामने भी अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है।

एक हादसे ने उजाड़ दी खुशियां

अंबाला से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। एक सड़क दुर्घटना ने 43 बेजुबान जानवरों के लिए मां समान रही एक युवती की जान ले ली। जिस घर में हर वक्त इन जानवरों की मौजूदगी से रौनक रहती थी और जिनके कदमों की आहट सुनते ही 43 पूंछें खुशी से हिलने लगती थीं, वहां अब केवल सन्नाटा पसरा हुआ है। 13 जुलाई को साहा के पास हुए सड़क हादसे ने सब कुछ बदल कर रख दिया।

घर को बनाया था शेल्टर

युवती का नाम निकिता था, जिसने अपने घर को ही इन बेजुबानों के लिए एक शेल्टर में तब्दील कर दिया था। स्थिति यह थी कि परिवार के सदस्यों के रहने के लिए घर में बस एक-एक कमरा ही बचा था, बाकी पूरी जगह इन जानवरों के लिए समर्पित थी। निकिता इन बेजुबानों का अपने बच्चों की तरह ख्याल रखती थी।

सामने आई खाने-पीने की चुनौती

निकिता के जाने के बाद अब उसके परिवार के लिए इन जानवरों का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पड़ोसियों के मुताबिक, इन 43 जीवों के भोजन, जरूरी दवाइयों और साफ-सफाई पर हर दिन चार से पांच हजार रुपये तक का खर्च आता था। अब परिवार के सामने यह गंभीर समस्या है कि इन जानवरों की देखभाल का सिलसिला कैसे जारी रखा जाए। इस हादसे के बाद पूरा मोहल्ला शोक में डूबा है और बेजुबानों का भविष्य भी अधर में लटका नजर आ रहा है।

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