तेहरान को सीधी और सख्त चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी समुद्री जहाज को मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट या अन्य हथियारों के जरिए निशाना बनाया गया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी हरकत के बदले अमेरिका ईरान के किसी पुल या फिर बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को बमबारी करके पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के दायरे में तेहरान शहर के भीतर या उसके आसपास का महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा भी शामिल हो सकता है।
होर्मुज की घेराबंदी और बढ़ता तनाव
ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में जोर देकर कहा कि अब से इस्लामी गणराज्य ईरान जब भी होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमला करेगा, अमेरिका पलटवार में उनके महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा। अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को लेकर ईरान की बढ़ती दखलअंदाजी और उस पर नियंत्रण की कोशिशों ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम संघर्ष विराम समझौता लगभग समाप्त हो चुका है और क्षेत्रीय सैन्य तनाव फिर से चिंताजनक स्थिति में है।
लगातार 11वीं रात अमेरिकी सेना की कार्रवाई
क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों की बात करें तो अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को जारी रखा। यह लगातार 11वीं रात थी जब अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान को निशाना बनाया। संघर्ष विराम के टूटने के बाद से अमेरिका ने अपने हमलों की गति और तीव्रता में भारी वृद्धि की है, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं। अमेरिकी मध्य कमान के अनुसार, ताजा सैन्य कार्रवाई के दौरान विमानों के हैंगर और ड्रोन के भंडारण वाले स्थलों को मुख्य रूप से तबाह किया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह संकेत दे चुके थे कि ईरान के खिलाफ आक्रामक सैन्य अभियान और भी तेज किए जाएंगे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एशियाई देशों के नेताओं के समक्ष बड़ी चिंता जाहिर की है। मनीला में आयोजित आसियान देशों की वार्षिक बैठक के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान जिस तरह से होर्मुज जलमार्ग पर अपना अधिकार जताकर वहां टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है, वह न केवल वैश्विक शिपिंग की आजादी के खिलाफ है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। क्षेत्रीय नेताओं ने भी पश्चिम एशिया में फिर से भड़क उठे संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता प्रकट की है क्योंकि इस युद्ध का प्रतिकूल प्रभाव उनके क्षेत्र पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
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