जांजगीर-चांपा में भैंस चोरी का अजीबोगरीब मामला, सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर खुद ही फंसे शातिर चोर

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में चोरों ने 10 भैंसें चुराने के बाद उन्हें बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया, लेकिन इसी वायरल वीडियो ने उन्हें पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया।

सोशल मीडिया बना चोरों की गिरफ्तारी का जरिया

अपराध की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि अपराधी कितनी भी सावधानी क्यों न बरते, वह कोई न कोई सुराग अपने पीछे छोड़ ही जाता है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां भैंस चोरी के आरोपियों ने खुद ही अपनी बर्बादी की पटकथा सोशल मीडिया पर लिख दी। आरोपियों ने 10 भैंसों को चुराने के बाद उन्हें बेचने के लिए एक वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट पर वायरल कर दिया। यह वीडियो ही पुलिस के लिए सबसे मजबूत डिजिटल सबूत साबित हुआ और चंद घंटों के भीतर आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।

क्या था पूरा मामला

इस घटना की शुरुआत नंदा यादव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी 10 भैंसें चोरी हो गई हैं। शिकायत मिलते ही अकलतरा पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू की। इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भैंसों को बेचने का एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। पुलिस ने जब इस वीडियो की बारीकी से जांच की, तो उन्हें इस मामले के तार चोरी की घटना से जुड़े नजर आए। पुलिस के लिए यह किसी बड़े सुराग से कम नहीं था और वे फौरन आरोपी तक पहुंच गए।

पूछताछ में खुला चोरी का राज

पुलिस जांच में पता चला कि इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने वाला व्यक्ति सोमू भारद्वाज है। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अकेले इस वारदात को अंजाम नहीं दिया था, बल्कि उसके साथ उसका साथी सनी उर्फ सचिन यादव भी शामिल था। दोनों ने मिलकर नंदा यादव के स्थान से 10 भैंसों को उड़ाया और उन्हें ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इन शातिर चोरों को दूर-दूर तक यह अंदाजा नहीं था कि जिस वीडियो को वे अपना फायदा मान रहे थे, वही वीडियो उन्हें गिरफ्तार करवाने का सबसे बड़ा कारण बनेगा।

ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजे गए आरोपी

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमू भारद्वाज और सनी उर्फ सचिन यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर दोनों आरोपियों को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। डीएसपी योगिता बाली खापर्डे ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अब बरामदगी की दिशा में काम कर रही है। चोरी की गई भैंसों को वापस हासिल करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी और पड़ताल कर रही हैं।

आगे की जांच जारी

जांजगीर-चांपा पुलिस केवल इस एक चोरी के मामले तक ही सीमित नहीं है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की भी तहकीकात कर रहे हैं कि इन आरोपियों का क्या कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इन लोगों ने क्षेत्र में चोरी की अन्य वारदातों को भी तो अंजाम नहीं दिया है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों से लगातार बातचीत कर रही है ताकि पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक अपराध रोकने में पुलिस के लिए कितनी बड़ी मददगार साबित हो रही है।

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