पटना का गांधी मार्केट और बांकीपुर उपचुनाव, क्या नितिन नवीन का दांव पलटेगा सियासी बाजी?

पटना के ऐतिहासिक गांधी मार्केट को बचाने में भाजपा विधायक नितिन नवीन की भूमिका बांकीपुर उपचुनाव में अहम मुद्दा बन गई है। बाजार के व्यापारियों ने उनके समर्थन का ऐलान किया है, जिससे चुनावी समीकरणों में बड़े बदलाव की चर्चा तेज है।

ऐतिहासिक गांधी मार्केट का गौरवशाली इतिहास

पटना के व्यस्त अशोक राजपथ पर स्थित गांधी मार्केट महज एक व्यावसायिक केंद्र नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और व्यापारिक पहचान का हिस्सा है। वर्ष 1958 से निरंतर चल रहा यह बाजार कभी गंगा के उस पार से आने वाले लोगों के लिए खरीदारी का सबसे प्रमुख केंद्र हुआ करता था। उस समय महेंद्रूघाट की कनेक्टिविटी इतनी मजबूत थी कि लोग नाव और बड़े जहाजों के जरिए यहां पहुंचते थे। उस दौर के बारे में स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह इलाका ग्राहकों से इतना भरा रहता था कि रात के 12 बजे तक यहां चहल-पहल बनी रहती थी।

संकट का समय और प्रशासन से निराशा

समय के साथ जब अशोक राजपथ पर डबल डेकर पुल बनाने की योजना शुरू हुई, तो इस बाजार के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा। बाजार के अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता के अनुसार, उस दौरान व्यापारियों के बीच घोर अनिश्चितता और डर का माहौल था। उन्हें डर था कि विकास के नाम पर उनकी दुकानें हटा दी जाएंगी और भविष्य में उन्हें फिर से अपना व्यापार खड़ा करने का मौका शायद ही मिले। स्थिति तब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई जब व्यापारियों ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम से संपर्क किया। वहां उन्हें स्पष्ट संकेत मिला कि दुकानें तोड़ी जाएंगी और पुनर्स्थापन की कोई ठोस योजना नहीं है।

व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जब वे इस संकट की घड़ी में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिलने गए, तो उनकी व्यथा सुनने के बजाय उन्हें अपमानित किया गया। पवन कुमार गुप्ता के दावों के अनुसार, उनके द्वारा दिए गए आवेदन पत्रों को तेजस्वी यादव ने उनके सामने ही फाड़कर डस्टबिन में डाल दिया था, जिससे व्यापारियों में भारी रोष और निराशा फैल गई थी।

नितिन नवीन की पहल से मिली नई पहचान

जब हर तरफ से दरवाजा बंद नजर आने लगा, तब बांकीपुर के विधायक नितिन नवीन ने व्यापारियों की पीड़ा को समझा और उनके सामने एक ठोस आश्वासन रखा। पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार में बदलाव के बाद जब नितिन नवीन नगर विकास मंत्री बने, तो उन्होंने अपना वादा निभाते हुए गांधी मार्केट को फिर से बसाने का कार्य किया। उन्होंने न केवल बाजार को टूटने से बचाया, बल्कि पुनर्निर्माण के बाद व्यापारियों को पहले से बेहतर सुविधाएं प्रदान कीं। आज गांधी मार्केट में 50 से 52 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनमें स्टेशनरी, किताबें, संगीत वाद्ययंत्र और रोजमर्रा की जरूरत की अन्य चीजें मिलती हैं।

उपचुनाव और भाजपा उम्मीदवार का समर्थन

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पारा गर्म है। पवन कुमार गुप्ता ने खुलकर कहा कि नितिन नवीन ने जिस तरह से उनकी आजीविका को संकट से उबारा है, उसे देखते हुए बाजार के सभी व्यापारी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। भाजपा ने अब उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग इस बात पर स्पष्ट है कि जिसने उनका रोजगार बचाया, वे उसी का साथ देंगे। अतः गांधी मार्केट के सभी व्यापारी नीरज कुमार सिन्हा का समर्थन करने के लिए लामबंद हो गए हैं।

बदलते दौर में बाजार की स्थिति

गांधी मार्केट के अध्यक्ष का यह भी कहना है कि वे इस चुनाव में पूरी मजबूती के साथ भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में खड़े हैं। आज भले ही खरीदारी के तौर-तरीके बदल गए हों, लेकिन महेंद्रूघाट के समीप स्थित यह बाजार आज भी छात्रों और आम नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में जुटा है। यहां की दूसरी और तीसरी पीढ़ी अब अपने पुस्तैनी व्यापार को आगे बढ़ा रही है। व्यापारियों का मानना है कि यदि नितिन नवीन की तत्परता न होती, तो शायद 1958 का यह गौरवशाली बाजार आज इतिहास के पन्नों में ही सिमट कर रह जाता। अब देखना यह है कि क्या यह समर्थन बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित होता है या नहीं।

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