भूकंप से कांपा नेपाल का सुदूरपश्चिम इलाका
हिमालयी देश नेपाल में बुधवार की सुबह एक बार फिर धरती डोल उठी। नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। फिलहाल अधिकारियों ने राहत की सांस ली है क्योंकि इस घटना के चलते किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
भूकंप का केंद्र और प्रभावित क्षेत्र
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 4:40 बजे आया। भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से लगभग 900 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में स्थित बाजहांग जिले के कोटदेवाल क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया। सुबह-सुबह अचानक आए इन झटकों को न केवल बाजहांग में, बल्कि आसपास के जिलों बाजुरा और दार्चुला में भी लोगों ने स्पष्ट रूप से महसूस किया। झटकों के कारण कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का दृश्य रहा।
नेपाल में भूकंप की स्थिति
नेपाल की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाती है। यह देश दुनिया के उन हिस्सों में गिना जाता है जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता सबसे अधिक रहती है। नेपाल मुख्य रूप से जोन 4 और 5 जैसे उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में आता है। भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के बीच लगातार हो रहे घर्षण और दबाव के कारण नेपाल में अक्सर जमीन हिलने की घटनाएं होती रहती हैं। बीते सप्ताह भी पश्चिमी नेपाल के लुंबिनी प्रांत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने लोगों को दहशत में डाल दिया था।
भारत और म्यांमार में भी महसूस हुए झटके
बुधवार का दिन भूगर्भीय हलचलों के लिहाज से काफी सक्रिय रहा। नेपाल के अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए:
- अरुणाचल प्रदेश के बिचोम इलाके में सुबह 9:37 बजे 2.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन की सतह से 30 किलोमीटर नीचे था।
- इसके कुछ देर बाद ही, सुबह 10:11 बजे मध्य प्रदेश के कटनी जिले में 3.6 तीव्रता का कंपन दर्ज हुआ, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
- पड़ोसी देश म्यांमार में भी सुबह 11:48 बजे 3.6 तीव्रता के भूकंप ने दस्तक दी।
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