ईरान के खिलाफ जारी है अमेरिकी सैन्य अभियान
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव की स्थिति लगातार बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमान यानी CENTCOM के ताजा अपडेट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत करने और दबदबा बनाने के मकसद से अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर लगातार 11वीं रात हमले जारी रखे। इन ऑपरेशनों में अमेरिकी सेना ने मुख्य रूप से ईरान के ड्रोन स्टोरेज सेंटर्स और एयरक्राफ्ट हैंगर को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट करने का दावा किया है।
युद्ध पर कितना खर्च हुआ है पैसा?
इस बीच, इस सैन्य संघर्ष में हुए आर्थिक नुकसान और खर्च को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। मंगलवार को अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ को इस मुद्दे पर तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। हेगसेथ ने आधिकारिक अनुमान साझा करते हुए बताया कि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष में अब तक कुल 37.5 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च हो चुकी है। दूसरी तरफ, रिपब्लिकन पार्टी की ओर से सेना की जरूरतों और व्हाइट हाउस की अन्य प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए 95 अरब डॉलर का एक बड़ा पैकेज तैयार किया जा रहा है।
ट्रंप ने बातचीत की संभावना से किया इनकार
ईरान के साथ कूटनीतिक संबंधों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद कड़ा बना हुआ है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि फिलहाल वे ईरान के साथ किसी भी तरह की वार्ता के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान बातचीत के लिए काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है, लेकिन जब तक वे किसी सार्थक और गंभीर प्रस्ताव के साथ नहीं आते, तब तक अमेरिका का उनसे बैठक करने का कोई इरादा नहीं है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान को इस जंग में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके चलते वे अब इस संघर्ष को विराम देने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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