बिहार: गंडक नदी से गांव में घुसा खूंखार मगरमच्छ, भैंस पर किया हमला तो ग्रामीणों ने ऐसे सिखाया सबक

मोतिहारी में गंडक नदी से निकलकर एक विशाल मगरमच्छ गांव में आ धमका और एक भैंस को शिकार बनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की बहादुरी के आगे उसकी एक न चली।

गंडक नदी से गांव में घुसा खतरा

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गंडक नदी से निकलकर एक खूंखार मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। यह घटना रविवार देर रात की है, जब यह जीव नदी तट को छोड़कर गांव की सीमा में दाखिल हुआ और सीधे ग्रामीणों की भैंस पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया, लेकिन गांव वालों ने डरने के बजाय साहस का परिचय देते हुए एक मिसाल पेश की है।

कुत्तों की मदद से घेराबंदी

जैसे ही मगरमच्छ ने भैंस को अपना निवाला बनाने की कोशिश की, उसकी हरकतें देखकर गांव के कुत्ते सक्रिय हो गए। कुत्तों ने लगातार भौंककर मगरमच्छ को वहीं रोक दिया, जिससे वह आगे नहीं बढ़ सका। शोर सुनकर वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। गजब की बात तो यह रही कि गांव के लोगों ने कुत्तों की मदद से मगरमच्छ को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद जान जोखिम में डालकर उन्होंने उसे रस्सी से बांध दिया और पूरी तरह काबू कर लिया। यह पूरी रात मगरमच्छ ग्रामीणों के ही कब्जे में रहा और लोग उसकी निगरानी करते रहे।

मलाही थाना क्षेत्र की घटना

यह पूरा वाकया मलाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चटिया बड़हरवा पंचायत के वार्ड संख्या-3 में घटित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, मगरमच्छ के गांव में घुसने की खबर मिलते ही हर तरफ दहशत फैल गई थी। लेकिन ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी के चलते एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। रात के सन्नाटे में जब मगरमच्छ भैंस पर झपटा, तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि ग्रामीण इतनी चतुराई से उसे पकड़ लेंगे।

वन विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल

इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू वन विभाग की कार्यशैली को लेकर सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मगरमच्छ पकड़े जाने के बाद रातभर पंचायत के मुखिया समेत कई लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को फोन मिलाया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। ग्रामीणों को रात भर खुद ही मगरमच्छ की निगरानी करनी पड़ी और वे डरे-सहमे रहे। अंत में, अरेराज के अंचल अधिकारी यानी CEO को सूचित किया गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

आठ घंटे बाद रेस्क्यू टीम पहुंची

सूचना मिलने के करीब आठ घंटे के लंबे इंतजार के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से टीम ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू करने के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई ताकि उसे नदी के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जा सके। इस पूरी प्रक्रिया में ग्रामीणों ने भरपूर सहयोग दिया, लेकिन उनमें विभाग की इस लेटलतीफी को लेकर भारी नाराजगी देखी गई।

गांव वालों में बना हुआ है डर का माहौल

स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर वन विभाग की टीम समय पर घटनास्थल पर पहुंच जाती, तो ग्रामीणों को इतना बड़ा जोखिम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। रात के समय खूंखार जीव के साथ सामना करना किसी भी आम नागरिक के लिए खतरनाक हो सकता था। फिलहाल, इस घटना के बाद गंडक नदी के आसपास बसे अन्य गांवों में भी दहशत का माहौल है। लोग अब अपने मवेशियों और बच्चों को लेकर डरे हुए हैं और प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।

https://hindi.news18.com/news/bihar/motihari-motihari-crocodile-entered-village-attacked-buffalo-viral-video-local18-ws-l-10674645.html