अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
झारखंड के दुमका में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह को बेनकाब किया है, जिसकी जड़ें बांग्लादेश की सीमा से सटे इलाकों तक फैली हुई थीं। यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से दोपहिया वाहनों को चुराने का काम करता था। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरगना की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा
दुमका पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट निवासी मिथुन उर्फ बिशु मंडल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बिशु मंडल इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सघन पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर चोरी की कुल पांच बाइक बरामद की गई हैं।
जांच में यह बात सामने आई है कि ये चोरी की गई बाइक दुमका, जामताड़ा, धनबाद और पश्चिम बंगाल के सिउड़ी जैसे अलग-अलग इलाकों से चुराई गई थीं। इन बाइकों को चोरी करने के बाद आरोपी उन्हें सीधे पश्चिम बंगाल के मालदा और फरक्का ले जाते थे। ये दोनों ही क्षेत्र बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित हैं, जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि इस गिरोह के तार सीमा पार तक जुड़े हो सकते हैं।
सस्ते दामों में होती थी बिक्री
पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह चोरी की गई बाइकों को ठिकाने लगाने के लिए बहुत कम दाम तय करता था। इन गाड़ियों को मालदा और फरक्का जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में महज 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की कीमत पर बेच दिया जाता था। कम कीमत होने के कारण ये बाइकें वहां के स्थानीय बाजारों में आसानी से बिक जाती थीं, जिससे गिरोह को लगातार चोरी करने का प्रोत्साहन मिलता था।
विशेष निगरानी अभियान और रंगे हाथ गिरफ्तारी
एसडीपीओ दिलीप खलको ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दुमका और इसके आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ समय से बाइक चोरी की घटनाओं में अचानक वृद्धि दर्ज की गई थी। आम नागरिकों की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस ने एक विशेष निगरानी अभियान की शुरुआत की थी। इसी अभियान के तहत शिकारीपाड़ा के कुशपहाड़ी हाट में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी मिथुन उर्फ बिशु मंडल को एक बाइक चोरी करते हुए रंगे हाथ धर दबोचा।
पहले से दर्ज हैं 16 आपराधिक मामले
पुलिस जांच में एक और हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। आरोपी मिथुन का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में पहले से ही 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे यह साबित होता है कि वह लंबे अरसे से इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त था और चोरी के वाहनों के व्यापार का एक मंझा हुआ खिलाड़ी बन चुका था।
अगली कार्रवाई और बाकी सदस्यों की तलाश
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य यह पता लगाना है कि मालदा और फरक्का में चोरी की बाइक खरीदने वाले लोग कौन हैं और क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। इसके साथ ही गिरोह के बाकी सदस्यों की धर-पकड़ के लिए भी पुलिस की अलग-अलग टीमें कई संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सहयोगियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस कार्रवाई को दुमका पुलिस की ओर से अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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