भारी संकट में किसान
फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव में रजनीगंधा की खेती करने वाले किसान इन दिनों आर्थिक तंगी और भारी संकट का सामना कर रहे हैं। यहां की मुख्य फसलों में से एक रजनीगंधा के दाम जमीन पर आ गए हैं, जिससे किसानों के चेहरों से मुस्कान गायब हो गई है। हालत यह है कि जिस फूल के एक बंडल के लिए कभी 500 रुपये तक मिल जाते थे, आज वही बंडल मात्र 10 से 20 रुपये में बिक रहा है।
मुनाफे की जगह नुकसान
किसान सुरेश कुमार ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि रजनीगंधा के फूलों की कीमतों में कोई स्थिरता नहीं रहती है, लेकिन इस बार की गिरावट ने उनकी कमर तोड़ दी है। सुरेश कुमार के मुताबिक, फूलों के एक बंडल में कुल 48 पीस होते हैं। बीते समय में सीजन के दौरान यही बंडल मंडी में 500 रुपये तक आसानी से बिक जाता था, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता था। लेकिन वर्तमान स्थिति में लागत निकालना भी दूभर हो गया है और किसान काफी हताश और परेशान नजर आ रहे हैं।
सर्दियों से उम्मीद
इस संकट के बीच फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसानों को अब सर्दियों के मौसम का बेसब्री से इंतजार है। सुरेश कुमार का मानना है कि सर्दी बढ़ने पर फूलों का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे बाजार में इनकी आपूर्ति कम होगी और शायद कीमतों में सुधार देखने को मिल सके। गांव के कुल किसानों में से लगभग 25 प्रतिशत किसान रजनीगंधा की खेती पर निर्भर हैं और सभी इस समय भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
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