उज्जैन में खूनी रंजिश: नीलगंगा चौराहे पर फायरिंग में भाजपा नेता के भतीजे की हत्या

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुरानी रंजिश के चलते पासी गुट और गोरकर परिवार के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें फायरिंग के दौरान एक युवक की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

पुरानी रंजिश में दहला उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से शनिवार देर रात एक बेहद डरावनी और दुखद घटना सामने आई है। नीलगंगा चौराहे पर दो गुटों के बीच चल रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पासी गुट और गोरकर परिवार के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी, जिसने अंततः एक जानलेवा रूप ले लिया। इस गोलीबारी में भाजपा नेता के भतीजे की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है और अपराधियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

हिंसा का खौफनाक मंजर

एडिशनल एसपी गुरुप्रसाद पराशर ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पासी गुट के एक दर्जन से अधिक लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से गोरकर परिवार पर हमला किया। हमले की शुरुआत पत्थरबाजी से हुई, जिसके कुछ ही देर बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा नीलगंगा क्षेत्र गूंज उठा। इस हिंसक हमले में गोली लगने से एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमले के बाद से ही क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। पुलिस ने देर रात की कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।

भाजपा नेता के भतीजे की गई जान

यह घटना शनिवार रात करीब 11 बजे नीलगंगा चौराहे के पास घटित हुई। पीड़ितों की पहचान पहलवान नेता दिलीप राव गोरकर, जिन्हें दिल्लू पहलवान के नाम से भी जाना जाता है, के परिवार के सदस्यों के रूप में हुई है। हमलावरों ने दिल्लू पहलवान के परिवार को निशाना बनाया। इस हमले में दिल्लू पहलवान के 32 वर्षीय भतीजे लोकेश, जो प्रदीप राव गोरकर के पुत्र थे, की दर्दनाक मौत हो गई। हमले में खुद दिल्लू पहलवान, उनका 32 वर्षीय बेटा तपन और 29 वर्षीय एक अन्य भतीजे जितेश, जो प्रदीप राव गोरकर के ही पुत्र हैं, बुरी तरह घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

दो महीने पुराना विवाद बना वजह

नीलगंगा क्षेत्र में गोरकर परिवार और पासी गुट के बीच दुश्मनी कोई नई बात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच विवाद काफी पुराना है और पहले भी इनके बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। एक मामले में तो पहले ही एक पक्ष के लोगों को सजा मिल चुकी है, लेकिन रंजिश खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महज दो महीने पहले भी दोनों गुटों के युवकों के बीच तीखी झड़प हुई थी। इतना ही नहीं, करीब 8 से 10 दिन पहले भी इनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। यह पुरानी आग शनिवार रात को और भड़क गई, जिसके परिणाम स्वरूप एक व्यक्ति की जान चली गई और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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