शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन: सिर्फ 9 ग्राम नशे ने खोले 4 राज्यों में फैले ड्रग सिंडिकेट के गहरे राज

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक ऐसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो चार राज्यों तक फैला हुआ था। एक छोटी सी गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच ने अंततः मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने का रास्ता साफ कर दिया।

ड्रग माफिया के खिलाफ शिमला पुलिस की बड़ी कामयाबी

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए एक अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 9 ग्राम चिट्टे की बरामदगी ने नशे के एक ऐसे बड़े जाल का खुलासा कर दिया, जिसकी जड़ें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ तक फैली हुई थीं। पुलिस अब केवल मादक पदार्थों को जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कड़ी तकनीकी जांच कर रही है।

जांच का दायरा और शुरुआत

एएसपी मेहर पंवर के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ियां 15 मार्च 2026 को जुड़नी शुरू हुईं। उस दिन रोहड़ू पुलिस थाना की टीम गश्त पर थी, तभी उन्हें सार्थक सूद नाम के एक युवक के पास से 9 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। हालांकि यह गिरफ्तारी दिखने में छोटी लग रही थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप संदेशों और बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया, जिससे नशे के इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पता चला।

मुख्य सरगना तक पहुंचने का सफर

तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस की टीम सबसे पहले उत्तर प्रदेश पहुंची, जहां से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अमित गुप्ता, राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को संचालित कर रहा था। पुलिस ने लगातार आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार 15 जुलाई 2026 को मुख्य सरगना वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। वित्तीय जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी वासु के बैंक खातों में पिछले 6 महीनों के भीतर 14 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ था, जबकि उसका कोई भी वैध आय का साधन नहीं था। वर्तमान में पुलिस इन आरोपियों की अवैध संपत्ति को फ्रीज करने की कानूनी प्रक्रिया अपना रही है।

कोटखाई का मामला और मोहाली तक पहुंच

इस बड़े खुलासे के साथ ही शिमला पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई कोटखाई में की। 3 जुलाई 2026 को पुलिस ने हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके डिजिटल साक्ष्यों और फोन रिकॉर्ड्स की जांच करने पर पता चला कि यह नशे की खेप पंजाब के मोहाली में बैठे सप्लायर अमित महेव द्वारा भेजी गई थी।

तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी

आरोपी अमित महेव काफी शातिर था। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था और वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। लेकिन शिमला पुलिस की विशेष टीम ने हार नहीं मानी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सटीक डिजिटल इनपुट का इस्तेमाल किया। कड़ी मशक्कत के बाद, 18 जुलाई 2026 को पुलिस ने मोहाली में जाल बिछाया और आरोपी अमित महेव को धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि नशे के इस कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए आने वाले दिनों में और भी सख्ती बरती जाएगी।

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