हादसे का विवरण और वर्तमान स्थिति
महाराष्ट्र के वसई इलाके में एक बड़ा हादसा सामने आया है। वसई पूर्व से वडघर गांव की ओर जाने वाला एक पुल शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक जमींदोज हो गया। पुल के अचानक गिरने से उस पर से गुजर रहे दो वाहन, जिनमें एक भारी वाहन और एक कार शामिल है, मलबे के बीच फंस गए। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, इस पुल के गिरने से वडघर, लेंडी और काळभोन जैसे कई ग्रामीण इलाकों का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी वाहनों का दबाव बना पुल के गिरने का कारण
यह पुल मेढे ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है और मेढे गांव को वडघर, काळभोन और लेंडी सहित आसपास की बस्तियों से जोड़ने का एक अहम जरिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग का उपयोग न केवल आम नागरिक कर रहे थे, बल्कि खदानों से मिट्टी और मुरुम लेकर आने वाले भारी वाहनों की भी यहां से निरंतर आवाजाही होती रहती थी। प्रत्यक्षदर्शियों और निवासियों का कहना है कि लंबे समय से क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों के गुजरने की वजह से पुल की संरचना कमजोर पड़ गई थी, जो अंततः ढह गई।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए पूरी तरह से प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। निवासियों का आरोप है कि पुल की जर्जर हालत को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वडघर निवासी नंदकुमार पाटील ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि भारी वाहनों की बेतहाशा आवाजाही के चलते यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि पुल के बंद होने से अब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उन्हें मुख्य मार्ग से न जाकर गणेशपुरी के रास्ते से करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जो उनके लिए काफी कष्टकारी है। प्रशासन की अनदेखी ने ग्रामीणों के लिए आवागमन का यह महत्वपूर्ण रास्ता बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
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