श्रीनगर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
जम्मू-कश्मीर के मौसम में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। घाटी में सामान्य से काफी अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शनिवार का दिन इस पूरे सीजन का सबसे गर्म दिन साबित हुआ, जब श्रीनगर का अधिकतम तापमान 35.9°C तक जा पहुंचा। कश्मीर घाटी के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की तपिश महसूस की जा रही है, जिससे लोग बेहाल हैं। गर्मी का आलम यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
आम जीवन पर पड़ा असर
भीषण गर्मी और हीटवेव जैसे हालातों के चलते लोग घरों के भीतर ही रहने को मजबूर हैं। पार्कों और मुख्य बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही काफी कम देखी गई। गर्मी से राहत पाने के लिए बिजली की खपत में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है और लोग अपने घरों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही पीने के पानी की मांग भी तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें और चिलचिलाती धूप में सीधे बाहर निकलने से परहेज करें ताकि स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
19 जुलाई से बारिश का पूर्वानुमान
गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। विभाग का कहना है कि 19 जुलाई से 23 जुलाई के बीच पूरे जम्मू-कश्मीर में व्यापक स्तर पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। यह बदलाव तापमान को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा। विभाग ने विशेष रूप से जम्मू डिवीज़न के लिए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से रियासी और उधमपुर जिलों में बहुत अधिक बारिश की चेतावनी दी गई है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने साफ किया है कि जम्मू के कई अन्य जिलों जैसे कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ में भी 19 जुलाई से 23 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा कश्मीर डिवीज़न के कुछ हिस्सों में 21 से 23 जुलाई के बीच मूसलाधार बारिश हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, मडस्लाइड, पत्थर गिरने की घटनाएं और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।
सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट
विशेषज्ञों ने उन स्थानों पर आवाजाही करते समय सावधानी बरतने की अपील की है जो भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। इनमें अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, गुलमर्ग, सोनमर्ग-ज़ोजिला एक्सिस, बांदीपोरा-रज़दान पास और कुपवाड़ा-साधना पास जैसे इलाके शामिल हैं। हाल ही में डोडा जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में कई घर और दुकानें मलबे में दब गए थे, जिसे देखते हुए प्रशासन अब पहले से ही सतर्क नजर आ रहा है। लोगों को पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय बेहद एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
https://www.indiatv.in/jammu-and-kashmir/srinagar-recorded-hottest-day-of-the-season-imd-rain-alert-in-jammu-kathua-samba-rajouri-doda-ramban-and-kishtwar-2026-07-18-1231998