बिहार में पाकिस्तानी आकाओं की बड़ी साजिश का खुलासा: दिल्ली से चोरी की कार मंगाकर क्या धमाका करने की थी तैयारी?

बिहार के कटिहार से गिरफ्तार मोहम्मद अहद को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। वह पाकिस्तान के इशारे पर दिल्ली से पुरानी चोरी की गाड़ी का बंदोबस्त करने की योजना बना रहा था।

बिहार के कटिहार जिले से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध मोहम्मद अहद को लेकर हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और खुफिया विभाग की संयुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि वह सीमा पार पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लगातार संपर्क में था। पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर वह देश की राजधानी दिल्ली जाने की योजना बना रहा था। वहां उसे किसी भी तरह से एक पुरानी चोरी की गाड़ी का बंदोबस्त करना था। इस जानकारी के सामने आने के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि आखिर इस चोरी की गाड़ी का इस्तेमाल किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

दिल्ली से पुरानी गाड़ी जुटाने के पीछे क्या थी बड़ी साजिश?

जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हुआ है कि क्या मोहम्मद अहद किसी बड़े आतंकी हमले या बम धमाके की योजना पर काम कर रहा था? दरअसल, आतंकी और देश विरोधी संगठन अक्सर अपनी गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए चोरी के वाहनों का इस्तेमाल करते हैं ताकि पकड़े जाने पर उनका असली सुराग न मिल सके। कटिहार के SP ने इस संवेदनशील मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस चोरी की गाड़ी का असल इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना था।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि क्या इसके पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश रची जा रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मोहम्मद अहद से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उसके इस गुप्त मिशन के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके।

व्हाट्सएप के जरिए युवाओं को देश विरोधी रास्ते पर धकेलने का खेल

इस पूरे मामले में एक और बेहद खतरनाक पहलू सामने आया है, जो सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला है कि मोहम्मद अहद को पाकिस्तान से एक विशेष व्हाट्सएप लिंक भेजा गया था। इस डिजिटल लिंक का इस्तेमाल स्थानीय युवाओं को एक समूह में जोड़ने और उनका ब्रेनवॉश करने के लिए किया जा रहा था। पाकिस्तानी हैंडलर इस लिंक के माध्यम से भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की फिराक में थे।

जांच के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इस पूरे मॉड्यूल के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • पाकिस्तानी हैंडलर का निर्देश: मोहम्मद अहद सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे देशद्रोहियों के संपर्क में था, जो उसे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए लगातार निर्देशित कर रहे थे।
  • चोरी की गाड़ी का इंतजाम: आरोपी को दिल्ली जाकर एक पुरानी चोरी की कार का प्रबंध करने का जिम्मा सौंपा गया था, जिसके पीछे बड़ी साजिश की आशंका है।
  • कट्टरपंथ का प्रसार: पाकिस्तान से भेजे गए एक व्हाट्सएप लिंक के जरिए स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
  • अंतर-जिला नेटवर्क: अहद का नेटवर्क बिहार के अन्य जिलों तक फैला हुआ था, जिसके तहत मुंगेर से भी एक अन्य संदिग्ध युवक को दबोचा गया है।

सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में दबोचा गया आरोपी

उल्लेखनीय है कि मोहम्मद अहद की गिरफ्तारी 13 जुलाई को कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मूसापुर गांव से की गई थी। इस गिरफ्तारी अभियान को केवल स्थानीय पुलिस ने नहीं, बल्कि देश की कई बड़ी केंद्रीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने एक संयुक्त गुप्त ऑपरेशन के तहत अंजाम दिया था। कटिहार के SP के अनुसार, मामले की जांच काफी संवेदनशील मोड़ पर है और पुलिस बहुत ही फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

उन्होंने कहा कि अभी यह कहना पूरी तरह से जल्दबाजी होगी कि आरोपी किसी बड़े बम धमाके, मॉब लिंचिंग या फिर किसी अन्य सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। आने वाले समय में जांच के दायरे को और बढ़ाया जाएगा, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों के चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस जांच के पूरे होने के बाद राज्य और देश में सक्रिय एक बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सकता है।

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