छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का करारा जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों को जनविश्वास का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी और सुशासन के दम पर राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है।

अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की हताशा का प्रतीक

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे सीधे तौर पर खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रस्ताव केवल सरकार के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की तीन करोड़ जनता के जनादेश और उनके अटूट विश्वास के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से लेकर हालिया लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों तक, जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपनी मोहर लगाई है। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास और सुशासन के पक्ष में अपना निर्णायक फैसला सुनाया है, जो आज भी कायम है।

मोदी की गारंटी और जन-कल्याणकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि सरकार ने जनता से किए गए अपने अधिकांश चुनावी वादों को धरातल पर उतारा है। सरकार की कार्यशैली को ही उन्होंने जनविश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार है। किसानों के हित में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। साथ ही, दो वर्षों का बकाया बोनस भी किसानों को भुगतान किया गया है।

महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण

महिलाओं के सम्मान और उनकी आत्मनिर्भरता के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर मुख्यमंत्री ने विशेष प्रकाश डाला। महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि पहुंचाई गई है। उन्होंने गर्व से कहा कि सरकार ने 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प पूरा किया है। इसके अलावा, महिलाओं को संपत्ति के अधिकार में सशक्त बनाने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत दी गई है। स्व-सहायता समूहों के जरिए रोजगार के नए रास्ते खोले गए हैं और सरकार का मानना है कि महिलाओं का आशीर्वाद ही राज्य की प्रगति का असली आधार है।

कृषि और सिंचाई क्षेत्र में व्यापक बदलाव

किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें कृषक उन्नति योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना शामिल है। उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सिंचाई क्षमता के विस्तार पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जल संसाधन परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड संख्या में प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई हैं, जिससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आदिवासी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण

आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाने के साथ-साथ चरणपादुका योजना को फिर से शुरू किया गया है। वनाधिकार पत्रधारकों को कई तरह की राहत दी गई है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से दूरदराज के आदिवासी गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन सरकार की आदिवासी केंद्रित नीतियों का हिस्सा है। इसके अलावा जनजातीय संग्रहालय और शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक के जरिए संस्कृति को संरक्षित किया जा रहा है।

कानून व्यवस्था और सुरक्षा

राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लागू करना और साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक साइबर थानों की स्थापना करना शांति व्यवस्था को मजबूत करने के कदम हैं।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

नई औद्योगिक नीति के कारण छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न सम्मेलनों के जरिए 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये निवेश प्रस्ताव आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। राज्य अब वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

ऊर्जा और खनिज संसाधन का प्रबंधन

ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने उत्पादन और वितरण को सुव्यवस्थित किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिली है। छत्तीसगढ़ ने प्लांट लोड फैक्टर के मामले में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। खनिज संसाधनों के मामले में पारदर्शिता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किए गए हैं। 82 हजार से अधिक विकास कार्यों को पूरा किया गया है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।

डिजिटल क्रांति और प्रशासनिक सुधार

प्रशासनिक सेवाओं को जनता तक सुलभ बनाने के लिए ई-गवर्नेंस का विस्तार किया गया है। सेवा सेतु के माध्यम से 528 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। कुल 435 प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को सुशासन का मॉडल बनाया जा रहा है। डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में 829 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है और श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी गई है।

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