दिल्ली में मंथन का दौर
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही आपसी फूट को दूर करने के लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब पूरी तरह से सतर्क हो गया है। चुनाव से ठीक पहले जारी इस कलह को रोकने के उद्देश्य से राहुल गांधी ने मंगलवार को मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसी कड़ी में अब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल की एक अहम बैठक चल रही है। इस बैठक का मुख्य केंद्र राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पार्टी के भीतर की खींचतान को सुलझाना है।
भूपेश बघेल की रिपोर्ट पर टिकी नजरें
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और प्रभारी भूपेश बघेल बैठक के लिए केसी वेणुगोपाल के आवास पर पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल इस बैठक में पंजाब इकाई के कामकाज और संगठन की स्थिति को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट केसी वेणुगोपाल को सौंपने वाले हैं। प्रताप सिंह बाजवा बैठक से निकल चुके हैं, जिसके बाद से अटकलों का बाजार गर्म है।
चन्नी गुट की प्रमुख मांगें
राज्य में मचे इस सियासी बवाल के बीच, 11 जुलाई को भूपेश बघेल के साथ हुई बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक गुट ने अपनी तीन शर्तें पार्टी के सामने रखी थीं। इन मांगों में शामिल हैं:
- राजा वड़िंग को तत्काल प्रभाव से प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया जाए।
- आगामी चुनाव के लिए चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए।
- उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में चन्नी की राय को प्रमुखता और तवज्जो दी जाए।
फिलहाल, पार्टी हाईकमान की ओर से इन मांगों पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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