मध्य पूर्व में गहराया संकट
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना लगातार चौथे दिन ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जबरदस्त बमबारी कर रही है। होर्मुज के जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की कोशिशों से ठीक पहले, अमेरिकी नौसेना ने ईरान की सैन्य संपत्तियों पर अपना हमला केंद्रित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिणी ईरान के चाबहार और बंपुर जैसे इलाकों में भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। इसके अलावा, सिरिक और बंदर अब्बास के पास भी कई स्थानों पर धमाकों की सूचना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से पर्शियन गल्फ के आसपास ईरानी सैन्य अड्डों को तबाह करने का दावा किया गया है।
ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर एक बड़ा मिसाइल हमला किया है, जिसका वीडियो इंटरनेट पर काफी तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बहरीन का एयर डिफेंस और मिसाइल डिफेंस सिस्टम इन हमलों को नाकाम करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरान ने केवल बहरीन ही नहीं, बल्कि कुवैत को भी अपने हमले की जद में ले लिया है। कुवैत में एक ईरानी ड्रोन द्वारा वहां के एक गोदाम से टकराने का दृश्य भी सामने आया है, जहां पहले से ही आग की लपटें दिखाई दे रही थीं।
नौसेना की नाकेबंदी और डोनाल्ड ट्रंप की हुंकार
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी दोबारा शुरू कर दी है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों का आवागमन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। टैंकरों को हमले के डर से छिपकर निकलने के लिए गुप्त रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट में 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत और सैकड़ों फाइटर जेट तैनात किए गए हैं। इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका ईरान पर और भी जोरदार हमले करेगा, जिससे ईरान की रही-सही सैन्य शक्ति भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। इलाके में बढ़ता यह तनाव पूरे वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
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