पटना के कदमकुआं वेंडिंग मार्केट में सब कुछ है, बस ग्राहक नहीं

पटना के कदमकुआं में करोड़ों की लागत से तैयार वेंडिंग मार्केट अपनी सुविधाओं के बावजूद कारोबार की मंदी से जूझ रहा है। विक्रेताओं का कहना है कि बाहर लगने वाली अवैध दुकानों की वजह से खरीदार अंदर नहीं आ रहे हैं।

सुविधाओं का अंबार लेकिन खाली गलियारे

पटना के कदमकुआं में बनाया गया आधुनिक वेंडिंग मार्केट अब पूरी तरह से चालू हो चुका है। करीब ₹9 करोड़ की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सड़क के किनारे दुकान लगाने वाले फल और सब्जी विक्रेताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित जगह मुहैया कराना था। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह मार्केट देखने में तो बेहद आकर्षक है, लेकिन यहां काम करने वाले दुकानदार भारी निराशा में हैं।

बाहर के ठेलों से प्रभावित हो रही कमाई

बाजार के भीतर दुकान सजाकर बैठे विक्रेताओं का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। दुकानदारों की मुख्य शिकायत यह है कि मार्केट के ठीक बाहर शाम होते ही अवैध ठेलों और सड़क किनारे दुकानों का तांता लग जाता है। सड़क पर आसानी से सामान उपलब्ध होने के कारण ग्राहक मार्केट के अंदर कदम तक नहीं रख रहे हैं। विक्रेताओं के अनुसार, यदि बाहर लगने वाले इन अस्थाई ठेलों को नहीं हटाया गया, तो उनके लिए दुकान का किराया और खर्च निकाल पाना भी नामुमकिन हो जाएगा।

क्या है भविष्य की रणनीति

प्रशासन और संबंधित विभाग इस मार्केट को एक सफल मॉडल के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। कदमकुआं के इस अनुभव के बावजूद, सरकार की योजना रुकने वाली नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार, इसी तर्ज पर पूरे पटना शहर में कुल 31 नए वेंडिंग जोन विकसित करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन नए जोनों के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने और बाहर के अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई सख्त कदम उठाता है या नहीं।

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