मानवता को शर्मसार कर देने वाला कांड
गुजरात के पाटन शहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। एक निर्दयी सूदखोर ने महज 5,000 रुपये के कर्ज की आड़ में एक विधवा महिला की अस्मिता से खिलवाड़ करने की कोशिश की। जब महिला ने उसके अनैतिक और घिनौने प्रस्ताव को मजबूती से ठुकरा दिया, तो आरोपी ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए महिला पर पेट्रोल छिड़कर उसे आग के हवाले कर दिया। इस बेहद खौफनाक वारदात ने न केवल पाटन, बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
कौन थी पीड़िता और क्या थी मजबूरी
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाली 35 वर्षीय पिंकीबेन पटनी थीं। उनके पति की मृत्यु के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। अपने दो मासूम बच्चों का पेट पालने के लिए वह सब्जी बेचने का काम करती थीं। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उन्हें स्थानीय सूदखोर बाबूभाई रावल से 5,000 रुपये उधार लेने पड़े थे। पिंकीबेन अपनी मेहनत की कमाई से घर का खर्च चला रही थीं और कर्ज चुकाने की कोशिश में जुटी थीं।
सूदखोर की घिनौनी शर्त
पुलिस जांच और रिपोर्ट के अनुसार, जब बाबूभाई रावल ने अपना पैसा वापस मांगा, तो पिंकीबेन ने उनसे एक या दो दिन का समय और मांगा। लेकिन सूदखोर की नीयत पहले से ही खराब थी। आरोप है कि बाबूभाई ने कर्ज की मोहलत देने के बदले पिंकीबेन के सामने शारीरिक संबंध बनाने की घिनौनी शर्त रख दी। एक स्वाभिमानी महिला के तौर पर पिंकीबेन ने इस शर्मनाक प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया। इसी बात से बौखलाकर आरोपी ने पेट्रोल का इंतजाम किया और महिला के ऊपर उड़ेलकर उसे आग लगा दी।
आग में झुलसकर भी आरोपी को लिया लपेटे में
जब पिंकीबेन के शरीर पर आग की लपटें तेजी से भड़क उठीं, तो वह मदद के लिए चीखती हुई सड़क की ओर दौड़ीं। आग की तपिश इतनी भीषण थी कि उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। हैरानी की बात यह है कि उस दौरान आरोपी बाबूभाई रावल भी इस आग की चपेट में आ गया। इस जद्दोजहद और झुलसने की प्रक्रिया में आरोपी खुद 40 फीसदी तक जल गया। पीड़िता को गंभीर हालत में धारपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके जाने से अब उनके दो मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और पुख्ता सबूत
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की है। मृतका की मृत्यु से ठीक पहले पुलिस ने उनका मृत्यु पूर्व बयान यानी डाइंग डिक्लेरेशन दर्ज किया था। न्याय की दृष्टि से यह बयान इस केस का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है, जो आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। पाटन पुलिस ने आरोपी बाबूभाई रावल के खिलाफ हत्या की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, वह पुलिस की कड़ी निगरानी में अस्पताल में भर्ती है और वहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के मुख्य बिंदु
- सूदखोर का क्रूर चेहरा: बाबूभाई रावल ने कर्ज वसूली के नाम पर महिला पर दबाव बनाया और शारीरिक शोषण का प्रयास किया।
- स्वाभिमान के लिए बलिदान: 35 वर्षीय पिंकीबेन ने अपनी इज्जत और स्वाभिमान के साथ कोई समझौता नहीं किया।
- अस्पताल में हुई मौत: धारपुर सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने तड़प-तड़पकर प्राण त्याग दिए।
- आरोपी भी भुगत रहा है: वारदात के समय खुद को बचाने की कोशिश में आरोपी भी 40 फीसदी जल गया है।
- कानूनी शिकंजा: महिला द्वारा मरते वक्त दिया गया बयान पुलिस के पास सबसे बड़ा सबूत है।
फिलहाल पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि आरोपी को कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए। पाटन की यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में किस तरह कुछ लोग अपनी हवस और पैसे की ताकत के बल पर किसी की जान लेने तक गिर सकते हैं।
https://hindi.news18.com/news/crime/gujarat-crime-usurer-burns-widow-alive-over-5000-debt-and-sexual-refusal-in-patan-accused-injured-local18-10657900.html