बिहार के अरवल जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उत्पाद विभाग द्वारा शराब पीने के आरोप में पकड़े गए एक युवक की हिरासत के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने हाजत के भीतर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
हाजत में बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में तोड़ा दम
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रामपुर चौरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हैबतपुर गांव के निवासी अनिल कुमार उर्फ टुनटुन के रूप में हुई है। उत्पाद विभाग की टीम ने अनिल कुमार को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसे विभाग की हाजत में रखा गया था। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात को उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने परिजनों को अचानक फोन कर यह सूचना दी कि हिरासत में बंद अनिल की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। विभाग की ओर से बताया गया कि उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह खबर सुनते ही अनिल के परिजन घबराए हुए हालात में सीधे सदर अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें जो जानकारी मिली, उसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी। अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि अनिल कुमार की मौत हो चुकी है। इस दुखद और अचानक आई खबर से परिवार के सदस्यों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अस्पताल परिसर में हंगामा और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक
युवक की संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सदर अस्पताल परिसर में जमा हो गए। जब अनिल कुमार के मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया, तो वहां मौजूद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने उत्पाद विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते उत्पाद थाना परिसर और अस्पताल के आसपास का पूरा इलाका भारी तनाव की चपेट में आ गया।
इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। आक्रोशित लोग न्याय की मांग कर रहे थे और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। मौके पर हालात को बिगड़ता देख तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक मशक्कत की और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
परिजनों का गंभीर आरोप: थाने के अंदर हुई बेरहम पिटाई
मृतक अनिल कुमार उर्फ टुनटुन के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हाजत के अंदर उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। पिटाई के कारण आई गंभीर चोटों की वजह से ही अनिल की मौत हुई है। परिजनों का कहना है कि अगर अनिल की तबीयत खराब हुई थी, तो उन्हें समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? उनका आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय पर उसका उचित इलाज कराया होता और परिवार को तुरंत सूचित किया होता, तो शायद अनिल की जान बच सकती थी।
परिवार के सदस्यों ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने अनिल की मौत हो जाने के बाद ही उन्हें फोन पर इसकी सूचना दी, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी से बच सकें। इस पूरे मामले को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है और वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों का बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
दूसरी तरफ, इस पूरे मामले पर सदर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि जब युवक को अस्पताल लाया गया था, तो उसकी हालत अत्यंत नाजुक और गंभीर थी। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ा। हालांकि, मौत की असली वजह क्या थी और क्या सचमुच युवक के साथ मारपीट की गई थी, इसका खुलासा पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है और पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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