उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ भारी सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गया और कलेक्ट्रेट परिसर में गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
इस तलाशी अभियान में पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता (बम डिस्पोजल स्क्वाड), डॉग स्क्वाड और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तत्काल मौके पर बुलाई गईं। हालांकि, सुरक्षा बलों को परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु हाथ नहीं लगी है। पुलिस अब उस ईमेल पते की बारीकी से जांच कर रही है जिससे यह धमकी भरा संदेश भेजा गया था।
सघन तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर या आसपास कोई भी संदिग्ध अथवा आपत्तिजनक चीज बरामद नहीं की गई है। इसके बावजूद सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साइबर सेल की टीम धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच में जुट गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल कहां से और किसके द्वारा भेजा गया था। डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि यह सचमुच कोई सुरक्षा खतरा है या सिर्फ डर का माहौल बनाने के लिए किया गया कोई फर्जी प्रयास था।
डीएम कार्यालय के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
इस अप्रत्याशित घटना के बाद डीएम कार्यालय के चारों ओर सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं। पुलिस हाई अलर्ट पर है और ईमेल की जांच पूरी होने तक अतिरिक्त एहतियात बरती जा रही है। गौरतलब है कि देश में हाल के दिनों में बम की फर्जी धमकियां मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इससे पहले 3 जुलाई को भी दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उस व्यक्ति पर आरोप था कि उसने ISRO, NIA और एयर इंडिया की एक उड़ान को बम से उड़ाने की झूठी धमकी वाले ईमेल भेजे थे। अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद के रहने वाले इस संदिग्ध की पहचान 36 वर्षीय निशांत त्यागी के रूप में की गई थी।
पुलिस की जांच में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के सहारे त्यागी को पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को पता चला कि आरोपी निशांत त्यागी ने ओपन स्कूलिंग के जरिए पढ़ाई की थी। उसने वर्ष 2010 में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था, लेकिन अपनी पढ़ाई कभी पूरी नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया कि वह काफी वर्षों से मानसिक रोग से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किया था, जिसकी जांच की गई, लेकिन उसके पास से कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई थी। फिलहाल, पुलिस कलेक्ट्रेट को मिली इस नई धमकी के मामले की हर कोण से जांच कर रही है।
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