परीक्षा में सेंधमारी: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने के सपने देख रहे युवाओं की मेहनत पर पानी फेरने वाले एक शातिर नकल माफिया गिरोह का उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पर्दाफाश किया है। इस अभियान के तहत एसटीएफ ने वाराणसी और प्रयागराज में एक साथ दबिश दी और कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों में नकल के मास्टरमाइंड, सॉल्वर और 2 परीक्षार्थी शामिल हैं। हालांकि पुलिस के लिए बड़ी चुनौती यह है कि गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और उसका करीबी सहयोगी राजेंद्र यादव मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
कैसे काम करता था नकल माफिया?
यह गिरोह बेरोजगार अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। जांच में पता चला है कि नकल करने के लिए धर्मेंद्र नाम के अभ्यर्थी ने गिरोह को 5 लाख रुपये और विपिन नाम के दूसरे अभ्यर्थी ने 5.25 लाख रुपये का भुगतान किया था। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद आधुनिक और तकनीक पर आधारित थी, जिससे वे सुरक्षा घेरे को आसानी से भेद लेते थे।
हाईटेक नकल का तरीका
नकल कराने के लिए गिरोह परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही छात्रों के कपड़ों या कान के भीतर सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ डिवाइस छिपा देता था। जब छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंच जाते, तो गिरोह का एक सदस्य बाहर से प्रश्नपत्र का प्रबंध करता। प्रयागराज में स्थित एक ठिकाने से सॉल्वर उन प्रश्नों को हल करते थे। हल करने के बाद, ये सॉल्वर सीधे फोन कॉल के माध्यम से परीक्षा हॉल में बैठे छात्रों के ब्लूटूथ डिवाइस पर सही उत्तर बोलकर लिखवाते थे। इस काम में जुटे प्रत्येक सॉल्वर को प्रति परीक्षा 20,000 रुपये मेहनताना दिया जाता था।
छापेमारी में बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया
एसटीएफ ने जब प्रयागराज स्थित उस कमरे पर धावा बोला, जहां से यह पूरा रैकेट संचालित हो रहा था, तो वहां सॉल्वर लाइव उत्तर बोलकर नकल करवा रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 4 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 प्रिंटर, 2 एडमिट कार्ड, 2 प्रश्नपत्र और 2 ओएमआर (OMR) शीट जब्त की हैं। यह छापेमारी मुख्य रूप से वाराणसी के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इण्टर कॉलेज और हरिश्चन्द्र बालिका इण्टर कॉलेज के साथ-साथ प्रयागराज के विभिन्न ठिकानों पर की गई। सभी पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध वाराणसी के सिगरा और कोतवाली थाने में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जा सके।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/up-stfs-major-action-solver-gang-members-arrested-for-facilitating-cheating-using-bluetooth-and-micro-devices-2026-07-13-1230854