दतिया में नरोत्तम मिश्रा की राजनीति को नकार रही है जनता
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया के सियासी समीकरणों को लेकर बड़ा दावा पेश किया है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दतिया में लंबे समय से प्रतिशोध की राजनीति हावी थी, जिससे वहां के स्थानीय लोग बेहद त्रस्त और परेशान थे। जीतू पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि दतिया की जागरूक जनता अब इस बदले की भावना वाली राजनीति को जड़ से मिटाने और इसे शिकस्त देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा के उन पुराने बयानों पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कभी जनता से कहा था कि समंदर किनारे घर न बनाएं और फिर बाद में पलटी मार ली। पटवारी के अनुसार, अब दतिया की जनता सच में अपना घर सुरक्षित कर रही है और तानाशाही का अंत करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। गौरतलब है कि हाल ही में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कदम उठाए गए थे और इस सिलसिले में कुल 27 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
भाजपा की आंतरिक खींचतान और मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर कटाक्ष
जब जीतू पटवारी से इस बारे में पूछा गया कि भाजपा में नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य और टिकट आवंटन को लेकर जो कुछ चल रहा है, वह क्या है, तो उन्होंने इसे सीधे तौर पर भाजपा का अंदरूनी मसला करार दिया। हालांकि, उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरे घटनाक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। पटवारी ने तंज भरे लहजे में कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है कि मुख्यमंत्री किस तरह की भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भाजपा के भीतर भारी अराजकता का माहौल है। पार्टी के नेता एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और यह अविश्वास अब अपनी चरम सीमा को भी पार कर चुका है।
मध्य प्रदेश में परिवर्तन की लहर और दतिया की अहम भूमिका
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि यदि भाजपा के वे मंत्री जिन्होंने पिछले चुनाव लड़े थे, वे इस बार फिर से चुनावी मैदान में उतरते, तो उन्हें अपनी पिछली हार के मुकाबले दोगुने अंतर से पराजय का सामना करना पड़ता। जीतू पटवारी ने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि भाजपा के भीतर क्या चल रहा है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि मध्य प्रदेश का जनमानस अब बदलाव की राह पर निकल चुका है। दतिया को मां पीतांबरा माई की पावन धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में केवल एक ही गूंज सुनाई दे रही है। जनता अब फैसला करेगी कि उन्हें मंदिर की पवित्रता चुराने वालों के साथ खड़ा होना है या फिर न्याय का साथ देने वालों के। पटवारी ने विश्वास जताया कि राज्य में आने वाली इस बदलाव की लहर का नेतृत्व दतिया करेगा।
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