बिलासपुर के ये 5 डैम हैं बेहद खतरनाक, पिकनिक के दौरान बरती गई थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित प्रमुख डैम और जलाशय सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन सुरक्षा के मानकों को अनदेखा करना यहां जानलेवा साबित हो सकता है। यहां हम आपको उन 5 संवेदनशील जलाशयों के बारे में बता रहे हैं जहां डूबने और दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

बिलासपुर में पर्यटन और सुरक्षा का संकट

छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला अपनी प्राकृतिक छटा और खूबसूरत जल स्रोतों के लिए काफी मशहूर है। यहाँ के डैम और जलाशय न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी पिकनिक मनाने की पहली पसंद बन गए हैं। हालांकि, इन जगहों की सुंदरता के पीछे छिपे खतरे से अक्सर लोग बेखबर रहते हैं। हाल के वर्षों में जलाशयों में डूबने की कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आप भी इन स्थानों पर घूमने जाने की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा के प्रति बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।

1. भैंसाझार जलाशय

भैंसाझार जलाशय हाल के समय में तब चर्चा में आया जब यहां दो युवाओं की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह स्थान अपनी अत्यधिक गहराई और तेज बहाव के लिए जाना जाता है। जलाशय के किनारे बेहद फिसलन भरे हैं, जिसकी वजह से संतुलन बिगड़ते ही व्यक्ति गहरे पानी में जा सकता है। यहां अक्सर बचाव के लिए गोताखोरों की मदद लेनी पड़ती है, जो यह साबित करता है कि यह जगह आम पर्यटकों के लिए कितनी जोखिम भरी हो सकती है।

2. घोंघा जलाशय (कोरी डैम)

घोंघा जलाशय, जिसे स्थानीय लोग कोरी डैम के नाम से भी जानते हैं, जल प्रबंधन के साथ-साथ खतरों का भी केंद्र है। इस जलाशय का जलस्तर और बहाव का वेग काफी अधिक है। पूर्व में यहां कई बार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यहां पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का अभाव है, जिससे अनजान लोग अनजाने में ही गहरे पानी में प्रवेश कर जाते हैं।

3. खूंटाघाट (खारंग जलाशय)

खूंटाघाट अपनी मनमोहक प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन मानसून के दौरान इसका स्वरूप खतरनाक हो जाता है। बारिश के मौसम में इस जलाशय में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। जलाशय के किनारे का हिस्सा बेहद फिसलन भरा होता है, जिससे पर्यटकों के पैर फिसलने की आशंका बढ़ जाती है। खूंटाघाट जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा एक छोटी सी चूक भी जान पर बन सकती है।

4. कोपरा जलाशय

बिलासपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर सकरी गांव में स्थित कोपरा जलाशय सर्दियों के दौरान प्रवासी पक्षियों के आने से बहुत सुंदर दिखता है। हालांकि, सौंदर्य के पीछे छिपा इसका गहरा पानी और फिसलन युक्त किनारा नहाने वालों के लिए काल साबित हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण यहां पानी के करीब जाने वालों पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।

5. चापी जलाशय

तखतपुर के पास बिलासपुर-कोटा मार्ग पर स्थित चापी जलाशय एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। गर्मियों और छुट्टियों के मौसम में यहां भारी भीड़ उमड़ती है। भीड़भाड़ के बीच लोग अक्सर गहरे पानी की सीमा को भूल जाते हैं। फिसलन भरी सतह और जलाशय की गहराई के कारण इसे प्रशासन द्वारा संवेदनशील माना गया है, फिर भी लोग यहां सुरक्षा की अनदेखी करने से बाज नहीं आते हैं।

सुरक्षा के लिए क्या करें

पर्यटकों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि वे इन जलाशयों में नहाने से बचें। गहरे पानी के क्षेत्रों में जाने का दुस्साहस बिल्कुल न करें और जहां भी प्रशासन द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, उनसे उचित दूरी बनाए रखें। बच्चों के साथ पिकनिक पर जाते समय उन पर विशेष नजर रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न करें। याद रखें कि सुरक्षा नियमों का पालन ही आपको और आपके परिवार को बड़े हादसों से सुरक्षित रख सकता है।

https://hindi.news18.com/photogallery/chhattisgarh/bilaspur-dangerous-dams-in-bilaspur-where-even-slight-negligence-can-prove-fatal-see-photos-local18-10651849.html