गुरुग्राम में 'टावर ऑफ जस्टिस' का भव्य आगाज़, सीजेआई सूर्यकांत ने न्यायिक सुधारों पर दिया जोर

गुरुग्राम में नवनिर्मित 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने और मुकदमों के त्वरित निपटारे पर विशेष बल दिया है।

न्यायिक ढांचे में बदलाव की आवश्यकता

गुरुग्राम में हाल ही में उद्घाटन किए गए अत्याधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर के दौरान प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों पर स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और मुकदमों के बदलते स्वरूप के साथ न्याय देने की पुरानी प्रणालियों को भी आधुनिक बनाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि न्याय के पुराने ढर्रे को छोड़कर नई और त्वरित कार्यप्रणाली अपनाई जाए, ताकि आम जनता को समय पर न्याय सुलभ हो सके।

एकीकृत अदालतों का विजन

कार्यक्रम के दौरान सीजेआई ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पूरे हरियाणा में एकीकृत जिला अदालत परिसरों के निर्माण की पैरवी की। उन्होंने बताया कि इस तरह के एकीकृत ढांचे से न्यायिक कार्यक्षमता में बड़ा इजाफा होगा। विशेष रूप से वाणिज्यिक विवादों और चेक बाउंस जैसे मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए ऐसी आधुनिक अदालतों का होना अत्यंत अनिवार्य है, जिससे मुकदमों का निपटारा चुटकी में किया जा सके।

परिसर की आधुनिक सुविधाएं

करीब 7 एकड़ भूमि पर फैला यह नया न्यायिक गढ़ आधुनिकता का मिसाल है। जानकारी के अनुसार, इस नए परिसर में कुल 55 आधुनिक अदालत कक्ष बनाए गए हैं, जबकि पुराने परिसर में केवल 45 कक्ष ही उपलब्ध थे। इसके अलावा, नए भवन में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग, आधुनिक न्यायिक रिकॉर्ड रूम और अन्य उच्च स्तरीय तकनीकी सुविधाएं मौजूद हैं। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की देखरेख में यहाँ एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

सीजेआई और मुख्यमंत्री की उपस्थिति

इस भव्य उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में जस्टिस सूर्यकांत ने एक दिलचस्प संयोग साझा करते हुए बताया कि जब वह वर्ष 2017 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज थे, तब उन्होंने ही इस 'टावर ऑफ जस्टिस' की आधारशिला रखी थी और आज इसे उद्घाटन करते देखना उनके लिए गौरव का क्षण है। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल माध्यम से नूंह जिले के तावड़ू और पुन्हाना न्यायिक परिसरों की भी आधारशिला रखी।

संविधान की गरिमा का प्रतीक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर कहा कि यह न्यायिक परिसर न केवल एक इमारत है, बल्कि यह हमारे संविधान की गरिमा और न्याय प्रणाली के प्रति नागरिकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित होते शहर में इस प्रकार के आधुनिक न्यायिक ढांचे की स्थापना से पूरे राज्य की न्याय वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ तथा प्रभावी बनेगी। सीजेआई सूर्यकांत ने अंत में विश्वास जताया कि यह सात एकड़ में बना परिसर आने वाले समय में हर नागरिक के लिए न्याय का एक मजबूत स्तंभ साबित होगा।

https://hindi.news18.com/news/nation/old-way-of-delivering-justice-must-change-cji-surya-kant-inauguration-of-tower-of-justice-in-gurugram-local18-10651585.html