लद्दाख में बदलाव के 100 दिन
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने कामकाज के पहले 100 दिन पूरे होने पर एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया है। उन्होंने 13 मार्च को अपना पदभार ग्रहण किया था और उसके बाद से ही केंद्र शासित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। अपनी इस रिपोर्ट में, जिसे उन्होंने लद्दाख के लिए साझा दृष्टिकोण का निर्माण नाम दिया है, उन्होंने शासन सुधार, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन विस्तार और रोजगार सृजन जैसी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला है। इस रिपोर्ट में उन छह मुख्य स्तंभों का विवरण दिया गया है जिनके आधार पर प्रशासन ने लद्दाख की दशा और दिशा बदलने का खाका तैयार किया है। इनमें दीर्घकालिक जल सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, सांस्कृतिक गौरव, पर्यटन को बढ़ावा, सामाजिक न्याय और सुरक्षा, रोजगार के अवसर तथा टिकाऊ बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है।
जल सुरक्षा पर प्रशासन का विशेष जोर
विनय कुमार सक्सेना की कार्ययोजना में जल संकट से निपटना सबसे पहली प्राथमिकता रही है। प्रशासन ने इस दिशा में दो महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें हिम सरोवर परियोजना और सिंधु जल समृद्धि अभियान प्रमुख हैं। हिम सरोवर परियोजना के पहले चरण में 50 नए सामुदायिक जल निकाय विकसित किए जा रहे हैं ताकि ग्लेशियर के पिघलने से निकलने वाले पानी और बारिश के जल को बेहतर ढंग से संरक्षित किया जा सके। इसके अलावा, सिंधु नदी पर भारत के पहले हिमालयी रॉक चेक डैम का निर्माण किया गया है, जिसका उद्देश्य सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता को बढ़ाना है। प्रशासन ने 43 किलोमीटर लंबी इगू-फे सिंचाई नहर को फिर से जीवित करने का बड़ा काम किया है। इस परियोजना के सफल होने से लगभग 4,500 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधे तौर पर लाभ पहुंचा है, जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
पर्यावरण और पर्यटन में नई क्रांति
पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने कई ठोस कदम उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 100 दिनों के भीतर लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में 35,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। साथ ही, सिंधु नदी के किनारे हरित गलियारा बनाने की पहल शुरू की गई है। खराब हो चुके वन क्षेत्रों को फिर से संवारा जा रहा है और उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में प्रायोगिक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया है। लद्दाख को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कई साहसिक निर्णय लिए गए हैं। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी एक बड़ा आकर्षण रही, जिसे 1.18 लाख से अधिक लोगों ने देखा। साथ ही, भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और लद्दाख बाइक वीक जैसे आयोजनों ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच पर्यटकों के आगमन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43.65 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शासन सुधार और आर्थिक प्रगति
सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करते हुए उपराज्यपाल ने पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की है। प्रशासनिक सुधारों के तहत लंबित भूमि पट्टों का नवीनीकरण, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए गए हैं। आर्थिक विकास को गति देने के लिए होटलों को उद्योग का दर्जा देना, सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए व्यापार को आसान बनाना और युवाओं के लिए जॉब पोर्टल लॉन्च करना जैसी पहल की गई है। इसके अलावा, लद्दाख पश्मीना विकास बोर्ड का गठन और खुबानी के निर्यात को बढ़ावा देना प्रशासन की आर्थिक दूरदर्शिता को दर्शाता है। विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख को भारत का मुकुट बताते हुए कहा कि प्रशासन यहां की नाजुक पारिस्थितिकी और अनूठी संस्कृति को बचाते हुए निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर रहेगा।
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