मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। इस भारी बवाल और हंगामे के बीच प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को इंदौर में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। विजयवर्गीय ने साफ किया कि एक बार पार्टी नेतृत्व द्वारा टिकट की घोषणा किए जाने के बाद उसे बदलने की भाजपा में कोई परंपरा नहीं रही है।
पार्टी का फैसला सर्वोपरि, कार्यकर्ता मानेंगे बात
संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है और सभी कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, भाजपा के कार्यकर्ता बेहद अनुशासित हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जब नाराज कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी, तो सभी मतभेद दूर हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि आशुतोष तिवारी इस उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल करेंगे और वह अभी से इसकी भविष्यवाणी कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक उनकी नरोत्तम मिश्रा से सीधी बातचीत नहीं हो पाई है, लेकिन मिश्रा पार्टी के एक बेहद वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं। वह निश्चित तौर पर संगठन के फैसले को स्वीकार करेंगे और उसका सम्मान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव लड़ने की आकांक्षा कई कार्यकर्ताओं की होती है और वे इसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारी भी करते हैं, लेकिन सभी को टिकट देना संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में पार्टी का फैसला ही अंतिम होता है जिसका हर सिपाही पालन करता है। विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में टिकट बदले जाने की तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया।
दतिया में मिश्रा समर्थकों का उग्र प्रदर्शन
भाजपा द्वारा शुक्रवार को प्रत्याशी के नाम की घोषणा किए जाने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थक खासे नाराज हैं। अपनी इसी नाराजगी को दर्ज कराने के लिए समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लगभग 12 घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। इस संघर्ष में दतिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई अन्य पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
आखिर क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद आई है। राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में अदालत ने तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद नियमानुसार उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इस खाली सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को कराया जाएगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी।
https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/datia-by-election-vijayvargiya-dismisses-speculation-about-changing-the-candidate-amidst-uproar-by-mishra-supporters-2026-07-11-1230583