हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का तांडव: 15 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कुल्लू में एक की मौत

हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य का जनजीवन पूरी तरह से थम गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिरमौर और सोलन जिलों में शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया। भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) शिमला ने अपने ताजा बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि 10 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान राज्य में भूस्खलन की घटनाएं, अचानक आई बाढ़, पेड़ों के गिरने और मुख्य सड़कों के बाधित होने का गंभीर खतरा बना हुआ है।

124 सड़कें बंद और 442 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

बारिश का कहर कुल्लू जिले में एक व्यक्ति की मौत के रूप में सामने आया है। बुनियादी ढांचे पर भी इसका भारी असर पड़ा है। पूरे प्रदेश में अब तक 124 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं, जबकि बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और 442 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, 19 पेयजल योजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सिरमौर जिले के काला अंब औद्योगिक क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण हालात खराब हैं। आंकड़ों के अनुसार, सिरमौर जिले के पच्छाद में राज्य में सबसे अधिक 207 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा नाहन में 158.5 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 70 मिलीमीटर और पांवटा साहिब में 62.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

शिमला में दीवारों के ढहने से तबाही

राजधानी शिमला भी इस बारिश से अछूती नहीं है। यहां जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है और जिले में कुल 27 सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला के विकासनगर इलाके में एक इमारत के सामने बनी दीवार के ढह जाने से वहां खड़े 2 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, सुन्नी क्षेत्र के ब्रैंडली गांव में अत्यधिक बारिश की वजह से एक घर की सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा है। एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में पानी भर गया, जिसके बाद वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत कार्य चलाया गया।

सिरमौर में उफान पर नदियां और नाले

सिरमौर जिले के कई इलाकों में स्थित प्रमुख नदियां, जिनमें टोंस, यमुना, बाटा, गिरि और मार्कंडा शामिल हैं, इस समय उफान पर हैं। इनके साथ ही दर्जनों छोटे-छोटे नाले भी खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोग इन जल निकायों के नजदीक न जाएं। सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है और लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 34 सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हैं। इनमें शिलाई उपमंडल की 21, संगड़ाह की 8, नाहन की 4 और राजगढ़ की 1 सड़क शामिल है।

सुरक्षा के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश

सिरमौर जिले के पांवटा उपमंडल में गुरुवार की रात को ही शिक्षण संस्थानों को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार सुबह स्थिति को देखते हुए नाहन, संगड़ाह, पच्छाद और राजगढ़ उपमंडलों के उपमंडलाधिकारियों (SDM) ने भी स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए, पांवटा के SDM द्विज गोयल ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी और सरकारी संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की। हालांकि, प्रशासनिक आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर मौजूद रहेंगे और उन्हें ड्यूटी से कोई छूट नहीं दी गई है।

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