बीएमसी में बड़ी कार्रवाई
मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी ने वार्ड नंबर 170 की नगरसेविका बुशरा नदीम मलिक के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनका नगरसेवक पद रद्द कर दिया है। यह फैसला राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बुशरा मलिक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के अजित पवार गुट से जुड़ी थीं और इस कार्रवाई से पार्टी को मुंबई में बड़ा झटका लगा है।
चौथा बड़ा मामला
बुशरा मलिक की सदस्यता जाने के साथ ही बीएमसी में अब तक कुल 4 नगरसेवकों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। इससे पहले एआईएमआईएम यानी AIMIM के 2 नगरसेवकों और शिवसेना यूबीटी के 1 नगरसेवक की सदस्यता को भी इसी तरह से रद्द किया जा चुका है। गौरतलब है कि बुशरा मलिक एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक की भतीजी हैं और कप्तान मलिक की बेटी हैं।
जांच के दायरे में 89 मामले
नगरसेवकों की योग्यता और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। वर्तमान में कुल 89 ऐसे मामले हैं जो जांच के दायरे में हैं और लंबित चल रहे हैं। इनमें से 19 मामले विशेष रूप से जाति प्रमाण पत्र यानी कास्ट सर्टिफिकेट से जुड़े हुए हैं। फिलहाल बुशरा मलिक के अयोग्य घोषित होने के सटीक कारणों की जानकारी सत्यापन समिति की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से की जा रही यह कार्रवाई बीएमसी सदन के भीतर काफी अहम मानी जा रही है।
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