भिलाई में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का पर्दाफाश
छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाई गई है। इस पूरी धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी योगेश साहू है, जिसे पुलिस ने आखिरकार अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस मामले में योगेश के साथ अन्य सहयोगी भी शामिल थे, जिनमें से तीन अभी भी कानून की पकड़ से दूर हैं। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और सुपेला थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।
कोर्ट परिसर में हुआ बड़ा हंगामा
दिलचस्प बात यह है कि आरोपी योगेश साहू को पुलिस ने किसी छापेमारी के दौरान नहीं, बल्कि अदालत परिसर से पकड़ा। दरअसल, पिछले साल सुपेला और स्मृति नगर थाने में योगेश साहू के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे। उस समय उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसी पुराने मामले में तारीख पर पेश होने के लिए वह अपने वकील के साथ अदालत पहुंचा था। इसकी भनक उन निवेशकों को लग गई, जिन्हें योगेश ने चूना लगाया था। बड़ी संख्या में पीड़ित कोर्ट पहुंच गए और उन्होंने आरोपी को घेर लिया। बाद में आक्रोशित निवेशकों ने उसे पकड़कर सुपेला थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
एरिना कैपिटल की आड़ में रची गई साजिश
शिकायतकर्ता राजू नामदेव ने पुलिस को विस्तार से बताया कि किस तरह से जालसाजी को अंजाम दिया गया। राजू के अनुसार, आरोपियों ने एरिना कैपिटल नामक एक कंपनी का गठन किया था। इसी कंपनी के नाम पर उन्होंने 59 लोगों के साथ ठगी की। राजू की मुलाकात पिछले साल एक मित्र के जरिए योगेश साहू से हुई थी। उस वक्त योगेश ने उन्हें एक आकर्षक निवेश योजना के बारे में बताया और भरोसा दिलाया कि उनका पैसा बहुत जल्द दोगुना हो जाएगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने लालच देते हुए यह भी दावा किया कि निवेशकों को हर महीने 10 फीसदी तक का लाभ प्राप्त होगा। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए उसने कई फर्जी और भ्रामक अकाउंट स्टेटमेंट भी दिखाए थे।
किन लोगों को कितना हुआ नुकसान
पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर योगेश साहू, उसकी पत्नी मेघा, गौरव सनन और उसकी पत्नी निशा सनन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राजू नामदेव ने स्वयं 21 मार्च को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपये योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। शुरुआती कुछ महीनों तक तो आरोपी ने विश्वास बनाए रखा, लेकिन उसके बाद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। अन्य पीड़ितों की सूची भी लंबी है, जिनमें शादाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपये, इंद्रेश कुमार बांगरेड़ से 1.12 करोड़ रुपये, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपये और विद्यानंद चंद्र दत्ता व अंकित दत्ता से 23 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस प्रकार कुल 59 निवेशकों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ऐंठी गई है।
500 करोड़ की महाठगी की आशंका
इस मामले के खुलासे के बाद ठगी का दायरा और भी बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। निवेशकों का दावा है कि योगेश साहू ने केवल भिलाई ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और दो राज्यों तक अपना जाल फैला रखा था। आरोप है कि शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उसने कुल 500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की ठगी की है। इस गोरखधंधे में 1000 से ज्यादा निवेशक शामिल बताए जा रहे हैं। योगेश ने अपने भाई और दोस्तों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह इस काम को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और निवेशकों की शिकायतों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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