मुंबई पुलिस की ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ बड़ी मुहिम
महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के अंतर्गत काम करने वाली एंटी-नारकोटिक्स सेल ने शहर भर में फैले ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने एक साथ कुल 13 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन ठिकानों में अग्रिपाड़ा, बांद्रा, कोलाबा, पवई और घाटकोपर जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। इस सर्च ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पुलिस की 10 अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है, जो ड्रग्स के इस पूरे जाल को खंगाल रही हैं।
अग्रिपाड़ा फैक्ट्री की जांच से जुड़ी है कार्रवाई
पुलिस की यह कार्रवाई इसी साल मई के महीने में अग्रिपाड़ा में पकड़ी गई एक अवैध मेफेड्रोन यानी एमडी बनाने वाली फैक्ट्री की जांच की कड़ी है। उस समय हुई छापेमारी में पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी, जिसमें अधिकारियों ने कुल 50.74 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन ड्रग बरामद की थी। इसके अलावा मौके से हथियार और नशीले पदार्थ बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जटिल उपकरण भी जब्त किए गए थे।
केमिकल सप्लाई का फर्जीवाड़ा
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ड्रग्स तैयार करने के लिए आवश्यक रसायनों को 11 अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन मंगवाया गया था। मुंबई पुलिस ने जब इन कंपनियों की गहराई से छानबीन की, तो पता चला कि इन सभी के पते फर्जी थे। इन नकली पतों का इस्तेमाल कर ड्रग्स माफिया पुलिस की नजरों से बच रहे थे, जिसके बाद अब पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मूल तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
मेफेड्रोन का सेवन और स्वास्थ्य जोखिम
अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन एनआईएच की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेफेड्रोन का सेवन इंसानी शरीर और दिमाग पर बेहद खतरनाक प्रभाव डालता है। इसके सेवन से व्यक्ति में असामान्य उत्तेजना, अत्यधिक खुशी महसूस होना, एकाग्रता में बदलाव, ज्यादा बातचीत करना, शारीरिक बेचैनी, जबड़े भींचने की समस्या, भूख में कमी और गंभीर अनिद्रा जैसे लक्षण देखे जाते हैं। यह ड्रग बहुत जल्दी लत लगाने वाला है। आंकड़ों के मुताबिक, सैंपल में शामिल 30 प्रतिशत लोगों में ड्रग पर निर्भरता के स्पष्ट लक्षण पाए गए। वहीं, 47 प्रतिशत लोगों ने इसे लगातार 2 या उससे अधिक दिनों तक सेवन किया था। इसके अलावा 14 लोगों के यूरिन सैंपल की जांच में मेफेड्रोन के हालिया सेवन की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेफेड्रोन के गलत इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव घातक हो सकते हैं, जिसमें खुद पर नियंत्रण खोना और इसकी जबरदस्त लत लगना मुख्य रूप से शामिल है।
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