मानसून के साथ खेती की नई उम्मीद
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में मानसून की सक्रियता के साथ ही खेतों में हलचल तेज हो गई है। किसान इस बार धान की खेती को लेकर काफी सजग हैं और आधुनिक उन्नत किस्मों की ओर रुख कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मानें तो उन किसानों के लिए राहत की बात है जिनके पास सिंचाई के सीमित संसाधन हैं या जिनके खेतों में पानी का ठहराव लंबे समय तक नहीं रहता। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालातों में धान की एक विशेष किस्म जिसे BNR-2111 के नाम से जाना जाता है, किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह किस्म न केवल सूखे को झेलने में सक्षम है बल्कि कम पानी की उपलब्धता में भी अपनी उत्पादकता बनाए रखती है।
कम समय में फसल तैयार होने का लाभ
कृषि विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, BNR-2111 धान की फसल चक्र बहुत ही संक्षिप्त है। यह किस्म महज 95 से 100 दिनों की समयावधि में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है। इतनी कम अवधि में फसल का तैयार होना किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। इससे किसान अपनी अगली फसल की बुवाई के लिए समय पर तैयारी कर पाते हैं और खेतों को खाली करके अन्य कृषि कार्यों में लग सकते हैं। जल्दी कटाई होने के कारण मौसम की अनिश्चितताओं और अंत समय में आने वाली आपदाओं से भी फसल को बचाने में मदद मिलती है।
गोड़ा जमीन के लिए वरदान
सरगुजा के कृषि विशेषज्ञ मुकेश गुप्ता का कहना है कि वे किसान जिनकी जमीनें गोड़ा किस्म की हैं, जहाँ पानी के रुकने की संभावना बहुत कम होती है, उनके लिए यह किस्म एक उत्तम विकल्प है। सामान्य धान की किस्मों को पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन BNR-2111 उन सभी जगहों पर भी बेहतर प्रदर्शन करती है जहाँ सिंचाई के पारंपरिक साधन न के बराबर हैं। इसकी इसी खासियत के कारण इसे सूखा सहनशील यानी ड्रॉट टॉलरेंट वैरायटी कहा जाता है। कम बारिश वाले सीजन में भी इसकी पैदावार प्रभावित नहीं होती, जो इसे अन्य किस्मों से अलग और बेहतर बनाती है।
रोगों से सुरक्षा और बेहतर मुनाफा
इस उन्नत किस्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। अधिकांश धान की फसलों में कीट और बीमारियों के कारण उत्पादन में भारी गिरावट देखी जाती है, लेकिन BNR-2111 में सहनशीलता का स्तर काफी अधिक है। जब फसल स्वस्थ रहती है, तो स्वाभाविक रूप से उसका उत्पादन भी बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस किस्म को अपनाने से किसानों की खेती की लागत में कमी आती है क्योंकि उन्हें दवाओं का छिड़काव कम करना पड़ता है। कम लागत और अधिक उपज का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने उन सभी किसानों को, जो अपने खेतों में पानी की कमी या सूखे जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, BNR-2111 धान की बुवाई करने की सलाह दी है। यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किस्म है जो पानी की एक-एक बूंद का बेहतर उपयोग कर किसान को खुशहाल बनाने की क्षमता रखती है। सरगुजा क्षेत्र में इसकी बढ़ती लोकप्रियता का कारण इसका व्यावहारिक अनुभव है, जहाँ पहले ही कई किसानों ने इस किस्म से लाभ कमाया है। यदि किसान समय पर इसकी बुवाई सुनिश्चित करते हैं, तो वे प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद एक शानदार फसल की उम्मीद कर सकते हैं।
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