बारुईपुर हिंसा को लेकर सियासी घमासान
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बारुईपुर की हालिया हिंसक घटनाओं ने एक बार फिर से सियासी पारा बढ़ा दिया है। इस मामले में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने राज्य में गंभीर बहस छेड़ दी है। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रही हैं और अब भी तुष्टीकरण, धोखे और उकसावे की राजनीति को आगे बढ़ा रही हैं।
ममता बनर्जी पर सुवेंदु का सीधा हमला
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद भी ममता बनर्जी ने कोई सबक नहीं सीखा है। गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसक भीड़ को प्रदर्शनकारी करार देकर उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, बारुईपुर में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या की घटना के बाद वहां तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस तनाव के दौरान पुलिस पर हमले हुए और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। ममता बनर्जी ने इसे जनता का स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन बताया था, जिस पर सुवेंदु अधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
क्या दंगाइयों को प्रदर्शनकारी माना जा सकता है
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में ममता बनर्जी से सीधा सवाल किया कि क्या दंगाइयों को प्रदर्शनकारी कहा जा सकता है? उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी बुरी तरह से हार चुकी है और अब वह थक चुकी है, फिर भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। मुख्यमंत्री ने 26 वर्षीय युवक इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा की गई हत्या का वीडियो साझा करते हुए इस कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक निर्दोष युवक को उसके घर से खींचकर, केवल नाम और पहचान के आधार पर बेरहमी से मार डालने वालों को प्रदर्शनकारी कहा जा सकता है? मुख्यमंत्री के अनुसार, यह भीड़ की आड़ में किया गया एक जघन्य अपराध है।
कानून और व्यवस्था पर नई सरकार का रुख
सुवेंदु अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि अराजकता फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने न केवल पुलिस वाहनों को आग के हवाले किया और पुलिस कर्मियों पर हमले किए, बल्कि रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाकर इलाके की शांति और कानून-व्यवस्था को भी गंभीर चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
अपराधियों को मिलेगी सजा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि वह दौर अब समाप्त हो गया है जब लोग भीड़ का सहारा लेकर अपराध करते थे और बच निकलते थे। उन्होंने कहा कि नई सरकार कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी कि भीड़ हिंसा में शामिल हर अपराधी को उसके किए की सजा मिले। सुवेंदु अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दोषों की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा। बारुईपुर की इस घटना ने राज्य में सुरक्षा और कानून के शासन को लेकर बड़ी बहस को जन्म दे दिया है और मुख्यमंत्री का यह कड़ा बयान आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रस्साकशी के संकेत दे रहा है।
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