नाबालिग की शादी की तैयारी और पुलिस की कार्रवाई
बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल इलाके में बाल विवाह का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक 14 साल की नाबालिग लड़की की शादी 35 साल के एक व्यक्ति के साथ जबरन कराई जा रही थी। इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्थान से आए दूल्हे समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, 8 जुलाई को प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण को यह गुप्त जानकारी मिली थी कि राजस्थान के कुछ लोग रक्सौल की नाबालिग लड़कियों को अपना निशाना बना रहे हैं। आरोप है कि शादी की आड़ में इन लड़कियों की तस्करी की जा रही थी।
सौतेली मां की मिलीभगत और प्रलोभन का खेल
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के लिए रक्सौल स्थित राजेश्वर होटल में पूरी तैयारियां की जा चुकी थीं और मंडप भी सजाया गया था। जब नाबालिग लड़की की काउंसलिंग की गई, तो उसने अपनी व्यथा बताई। बच्ची ने कहा कि उसके परिवार वाले उसे जबरन इस शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं। लड़की ने यह भी खुलासा किया कि राजस्थान से आए ये लोग पिछले चार दिनों से होटल में ठहरे हुए थे। उसने बताया कि उसकी सौतेली मां को कुछ पैसे दिए गए थे और उसे गहने व घर के सामान का लालच देकर उसे राजी करने की कोशिश की जा रही थी।
होटल के कमरे से हुई गिरफ्तारी
अंचलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद हरैया थाना, रक्सौल थाना, एसएसबी की 47वीं वाहिनी और प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। होटल के रूम नंबर 209 से इन चारों व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। दस्तावेजों की जांच में पुष्टि हुई कि लड़की की उम्र महज 14 साल है, जबकि उससे विवाह करने वाला व्यक्ति 35 वर्ष का है। पूछताछ के दौरान दूल्हा लड़की का नाम या उसके माता-पिता का नाम तक नहीं बता सका, जिससे उनकी साजिश का संदेह और गहरा गया। ये चारों आरोपी आपस में मित्र बताए जा रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई और मानव तस्करी का संदेह
पुलिस ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। नाबालिग लड़की को तत्काल प्रभाव से संरक्षण में ले लिया गया है और हरैया थाने पर पंचायत के मुखिया व सरपंच की मौजूदगी में उसके परिजनों से अंडरटेकिंग लिखवाई गई है। सब इंस्पेक्टर मिंटू कुमार के बयान पर चारों आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 और मानव तस्करी यानी ट्रैफिकिंग की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि परिवार की गरीबी का फायदा उठाकर पैसों और सामान का लालच देना और बिना किसी परिजन के विवाह संपन्न कराना स्पष्ट तौर पर मानव तस्करी की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस मामले की सघन जांच कर रही है।
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