बिहार की सुपर-हॉट 'तेजा' मिर्च: तोड़ने में होती है हाथों में जलन, लेकिन कमाई देख किसान हुए मालामाल

पूर्वी चंपारण में युवा किसान अरुण कुमार द्वारा की जा रही तेजा मिर्च की खेती इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी तीक्ष्णता और बाजार में भारी मांग के चलते यह मिर्च किसानों की किस्मत बदल रही है।

खेती में मिसाल बना पूर्वी चंपारण

बिहार की माटी में हर तरह की फसल लहलहाती है। अनाज से लेकर सब्जियों तक के मामले में यह प्रदेश हमेशा से समृद्ध रहा है। कृषि क्षेत्र में बिहार का चंपारण जिला अपनी एक अलग पहचान रखता है। यहां के किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर मुनाफे वाली खेती की ओर रुख कर रहे हैं। आज हम बात करेंगे एक ऐसी खास मिर्च की, जिसने स्थानीय किसानों की आमदनी में चार चांद लगा दिए हैं। इसे 'तेजा' मिर्च कहा जाता है, जो अपनी जबरदस्त तीक्ष्णता के लिए जानी जाती है।

तोड़ने वालों के हाथों में होती है जलन

पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड स्थित दूधही गांव के युवा किसान अरुण कुमार ने तेजा मिर्च की खेती में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने लगभग 3 कट्ठे जमीन पर इस फसल को उगाया है। अरुण कुमार बताते हैं कि यह मिर्च बिहार की सबसे तीखी मिर्च मानी जाती है। इसकी तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे तोड़ते समय हाथों में तेज जलन होने लगती है। यही वजह है कि किसान इस मिर्च को बेहद एहतियात के साथ सावधानी बरतते हुए तोड़ते हैं। इस मिर्च की एक और विशेषता यह है कि यह बिल्कुल सीधी होती है, जिसकी वजह से बाजार में इसे ग्राहक अधिक पसंद करते हैं।

मुनाफे का गणित

खेती को लाभ का धंधा बनाने में तेजा मिर्च एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। अरुण कुमार के अनुसार, मौजूदा समय में चंपारण की मंडियों में यह मिर्च 4000 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही है। इसकी उत्पादन क्षमता के बारे में बताते हुए वे कहते हैं कि फसल तैयार होने के बाद इसकी तीन से चार बार तुड़ाई की जा सकती है। एक बार की तुड़ाई में प्रति कट्ठा लगभग 2 से 3 क्विंटल तक मिर्च प्राप्त हो जाती है। यह उत्पादन किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

कम समय में अधिक फायदा

तेजा मिर्च की सबसे बड़ी खासियत इसका कम समय में तैयार होना है। किसान अरुण कुमार बताते हैं कि यह मात्र तीन महीने में फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसके पौधों की ऊंचाई कम होती है, जिस कारण इसे जमीन पर बैठकर तोड़ना काफी सरल हो जाता है। इस मिर्च की डिमांड बाजार में हमेशा बनी रहती है। किसान न केवल हरी मिर्च बेचकर मुनाफा कमाते हैं, बल्कि सूखी लाल मिर्च के रूप में भी इसकी मांग बाजार में जबरदस्त रहती है। सही प्रबंधन के साथ की गई तेजा मिर्च की खेती छोटे और मध्यम वर्गीय किसानों के लिए समृद्धि का एक नया रास्ता खोल रही है।

https://hindi.news18.com/news/agriculture/teja-chili-cultivation-extremely-spicy-high-price-profit-local18-ws-l-10642904.html