हनीमून मर्डर केस: 'मैं बेगुनाह हूं, मुझे झूठा फंसाया गया'... सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की दलील, अब मंगलवार को होगी सुनवाई

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा, जहां सोनम ने हलफनामा दायर कर खुद को बेगुनाह बताया है।

सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, मंगलवार को होगा फैसला

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार द्वारा दायर याचिका पर देश की सर्वोच्च अदालत अब आगामी मंगलवार यानी 14 जुलाई को सुनवाई करेगी। तब तक सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सोनम की जमानत याचिका को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया था।

न्यायमूर्ति जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ इस संवेदनशील मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने मेघालय सरकार को निर्देश जारी किया है कि वे सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के वक्त तैयार किया गया अरेस्ट मेमो और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां अदालत के समक्ष पेश करें।

सोनम का हलफनामा: 'मुझे साजिश के तहत फंसाया गया'

इस बीच, मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल कर खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। सोनम ने अदालत के सामने दलील दी है कि:

  • उन्हें इस हत्याकांड में दुर्भावनापूर्ण तरीके से और झूठा फंसाया गया है।
  • अभियोजन पक्ष का पूरा मामला केवल परिस्थितियों और आशंकाओं पर आधारित है, जिसका कोई ठोस आधार नहीं है।
  • सिर्फ गंभीर आरोपों के दम पर किसी को अपराधी या दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
  • उनसे अब किसी भी प्रकार की बरामदगी या सबूत जुटाना शेष नहीं रह गया है।
  • वह अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पूरी निष्ठा से पालन कर रही हैं और वर्तमान में शिलांग में ही निवास कर रही हैं।
  • मामले में आरोप पत्र (चार्जशीट) पहले ही दाखिल किया जा चुका है, इसलिए उनके द्वारा सबूतों या गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं है।

सॉलिसिटर जनरल की दलील: टाइपिंग की चूक से मिली बेल

दूसरी ओर, मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने पिछली सुनवाई के दौरान बेहद दलील दी थी। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के पीछे एक बड़ी लिपिकीय त्रुटि (टाइपिंग एरर) थी। कोर्ट ने इसी टाइपिंग की गलती को आधार बनाकर जमानत मंजूर कर दी थी।

सॉलिसिटर जनरल के अनुसार, नए कानून यानी BNS (भारतीय न्याय संहिता) की गंभीर धारा 103 (जो हत्या से संबंधित है) के स्थान पर गलती से धारा 403 (जो संपत्ति के बेईमानी से गबन से संबंधित है) टाइप हो गई थी। इसी तकनीकी खामी का लाभ आरोपी पक्ष को मिल गया।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

यह पूरा मामला इंदौर के एक रसूखदार ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी से जुड़ा है। राजा अपनी नवविवाहित पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए थे। इसी यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में राजा रघुवंशी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मेघालय पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि इस हत्या के पीछे खुद उनकी पत्नी सोनम और उसके कुछ करीबी सहयोगियों का हाथ था। पुलिस ने सोनम और उसके साथियों को मुख्य आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया था, जिसके बाद से यह कानूनी लड़ाई जारी है।

https://www.indiatv.in/india/national/raja-raghuvanshi-murder-case-accused-sonam-raghuvanshi-said-she-is-innocent-falsely-implicated-in-supreme-court-next-hearing-on-tuesday-2026-07-09-1230134