प्रयागराज में दिल दहला देने वाली घटना: मक्के के खेत में बिछाई गई बिजली की तार ने ली चाचा-भतीजे की जान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक खेत में लगी करंट की तार की चपेट में आने से चाचा और भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

खेत में मौत का जाल बना बिजली का तार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक अत्यंत हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां मक्के के खेत के चारों ओर लगाई गई अवैध बिजली की तार ने दो लोगों की जान ले ली। बहरिया थाना क्षेत्र के खलसा गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बताया गया है कि 29 वर्षीय कमलेश कुमार यादव अपने खेत में धान की बेहन निकालने का काम कर रहे थे। उसी दौरान उनका 14 वर्षीय भतीजा अर्पित यादव भी वहां पहुंचा। खेत के पास ही स्थित मक्के के खेत में जंगली जानवरों या मवेशियों से बचाव के लिए चारों तरफ बिजली की नंगी तारें दौड़ाई गई थीं।

बचाने के प्रयास में गई जान

दुर्भाग्यवश, बालक अर्पित यादव का पैर फिसलने या अनजाने में इन बिजली के तारों से संपर्क हो गया, जिससे वह बुरी तरह करंट की चपेट में आ गया। भतीजे की चीख सुनकर उसे बचाने के लिए दौड़े 29 वर्षीय कमलेश कुमार यादव भी उसी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गए। करंट इतना शक्तिशाली था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कमलेश कुमार यादव बीए की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और भविष्य में नौकरी पाने की तैयारी में जुटे थे, जबकि 14 वर्षीय अर्पित यादव मिझूरा में कक्षा सात का छात्र था।

ग्रामीणों का आक्रोश और कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में मातम पसर गया और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। आक्रोशित ग्रामीण इस बात से नाराज थे कि मक्के के खेत मालिक ने बिना किसी सुरक्षा के बिजली के तार खुलेआम लगा रखे थे। बहरिया के थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और आरोपी किसान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग पर अड़ गए। पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को शांत कराया जा सका।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। अर्पित यादव अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, जबकि उसके पिता रोजगार के सिलसिले में मुंबई में निजी नौकरी करते हैं। कमलेश चार भाइयों में से तीसरे नंबर के थे और उनके पिता घर पर खेती-बाड़ी का काम संभालते हैं। मक्के के खेत के मालिक नागेंद्र प्रताप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने मवेशियों से फसल बचाने के लिए अवैध रूप से ग्राउंडिंग करके बिजली की तारें बिछाई थीं। घटना के बाद से आरोपी नागेंद्र का पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपी नागेंद्र सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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