चीन में कुदरत का तांडव: मेसाक तूफान और मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन में 27 की मौत

चीन के दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे अब तक 27 लोगों की जान चली गई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं जबकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

चीन में कुदरत का विकराल रूप

पड़ोसी देश चीन इस समय कुदरत के बेहद विनाशकारी और विकराल रूप का सामना कर रहा है। मॉनसून का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन के कई प्रांतों में भी मौसम ने कहर बरपाया हुआ है। विशेष रूप से दक्षिणी चीन में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी गांसु प्रांत में हुए भीषण भूस्खलन ने कई परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया है। इन दोनों आपदाओं के कारण अब तक कुल 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा की इस घड़ी में लाखों लोग प्रभावित हैं, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर शुरू किया है।

मेसाक तूफान का कहर और बाढ़ के हालात

दक्षिणी चीन का गुआंग्शी जुआंग स्वायत्त क्षेत्र इस वक्त सबसे अधिक प्रभावित है। टाइफून मेसाक के प्रभाव के चलते यहां लगातार भारी बारिश हो रही है, जिसने बाढ़ जैसे भयावह हालात पैदा कर दिए हैं। मंगलवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, इस बाढ़ की चपेट में आने से 6 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 11 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। इस आपदा से प्रभावित लोगों की कुल संख्या लगभग 3.75 लाख है, जिनमें से 1.30 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों का बड़ा जाल बिछाया है। राहत और बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए 8,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही 1,700 से ज्यादा वाहनों और 5,700 नावों का उपयोग जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी और जलस्तर का संकट

आने वाले दिनों के लिए चीन का मौसम विभाग बेहद चिंतित है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले तीन दिनों तक इस पूरे क्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वर्तमान में जलस्तर की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। देश के 341 जलाशयों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसके अलावा, 41 प्रमुख नदियों के 56 निगरानी केंद्रों पर जलस्तर चेतावनी सीमा से अधिक दर्ज किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुआंग्शी और पड़ोसी ग्वांगडोंग प्रांत में बाढ़ का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने राहत कार्यों को गति देने के लिए 36 हजार से अधिक अतिरिक्त राहत सामग्री के पैकेट, नावें और अन्य आवश्यक उपकरण प्रभावित क्षेत्रों में भिजवाए हैं।

गांसु प्रांत में भूस्खलन की त्रासदी

बाढ़ के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी गांसु प्रांत में मंगलवार सुबह हुए भीषण भूस्खलन ने भी बड़ी तबाही मचाई है। लोंगनान शहर के नान्हे टाउनशिप के रेनजांग गांव में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे गिरा। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है और 7 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुल 33 लोग इस मलबे की चपेट में आ गए थे, जिनमें से 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। अन्य लोगों की तलाश और मलबे को हटाने के बाद अब बचाव अभियान को पूरा कर लिया गया है।

युद्ध स्तर पर बचाव अभियान और विशेषज्ञों की राय

भूस्खलन के बाद स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने 345 राहतकर्मियों को तैनात किया था। इसमें 10 खोजी कुत्तों, जेसीबी मशीनों और कई एंबुलेंस की मदद ली गई। घायलों को बेहतर उपचार देने के लिए विशेष मेडिकल टीमें, आईसीयू विशेषज्ञ और सर्जन को घटनास्थल पर भेजा गया। चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे लेवल-3 भू-आपदा आपात प्रतिक्रिया के रूप में चिन्हित किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का लगभग 69 प्रतिशत हिस्सा पहाड़ी और पठारी है। वहां की कमजोर मिट्टी और सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटें मानसून के दौरान होने वाली मूसलाधार बारिश के साथ मिलकर बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को हमेशा बनाए रखती हैं। मौजूदा संकट को देखते हुए प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे हर समय सतर्क रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करें।

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