राजस्थान में गैंगस्टर रोहित गोदारा का नेटवर्क: अमेरिका में चार्जशीट के बाद एडीजी दिनेश एमएन ने दी बड़ी जानकारी

राजस्थान सहित उत्तर भारत में सक्रिय गैंगस्टर रोहित गोदारा पर अमेरिका में कानूनी शिकंजा कसने के बीच, राजस्थान एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन ने उसके नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने का दावा किया है।

गैंगस्टर रोहित गोदारा पर कानूनी शिकंजा

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में लगातार फिरौती, अपहरण और जानलेवा गोलीबारी की वारदातों को अंजाम देने वाला कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा एक बार फिर सुर्खियों में है। उसकी आपराधिक गतिविधियां अब केवल भारतीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि अमेरिका के न्याय विभाग ने भी अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की सूची में उसे शामिल किया है। अमेरिका में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसी संदर्भ में राजस्थान एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन ने गैंगस्टर के नेटवर्क और उसे पकड़ने की चुनौतियों पर विस्तृत बयान दिया है।

एडीजी दिनेश एमएन का बड़ा बयान

राजस्थान एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन ने स्पष्ट किया है कि भले ही रोहित गोदारा विदेश में छिपकर बैठा हो, लेकिन राजस्थान पुलिस उसके पूरे तंत्र को जड़ से उखाड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। एडीजी के अनुसार, गोदारा केवल राजस्थान में ही नहीं, बल्कि पंजाब और हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों में भी वांछित अपराधी है। दिनेश एमएन ने यह भी स्वीकार किया कि किसी ऐसे आरोपी को दूसरे देश से गिरफ्तार करके लाना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई प्रकार की कूटनीतिक और कानूनी चुनौतियां सामने आती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भरोसा दिलाया है कि राजस्थान की धरती पर उसके द्वारा फैले नेटवर्क को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उसके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा।

नेटवर्क के पांच से छह मॉड्यूल का पर्दाफाश

एटीएस की कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए दिनेश एमएन ने बताया कि अब तक रोहित गोदारा गैंग के 5 से 6 सक्रिय मॉड्यूल को पकड़ा जा चुका है। इन ऑपरेशंस के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। एटीएस का मुख्य उद्देश्य राज्य में फायरिंग, हत्या और रंगदारी जैसी आपराधिक घटनाओं को पूरी तरह से रोकना है। एटीएस उन तमाम लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें गैंग की ओर से धमकियां मिल रही हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जो कोई भी इस गैंग की मदद करेगा या इसे रसद और पनाह मुहैया कराएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिका में ऑपरेशन हार्ड बॉल

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस गिरोह के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत भारत मूल के अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और जग्गू भगवानपुरिया समेत कुल 37 संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इस संयुक्त वैश्विक अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कार्रवाई करते हुए 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क हत्या, ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है।

राजस्थान में जारी है आतंक का साया

प्रदेश के जिलों में अभी भी इस गैंग का डर बरकरार है। हाल ही में झुंझुनूं जिले की पिलानी पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग के एक सदस्य विकास उर्फ दुबे को गिरफ्तार किया था। आरोपी पर आरोप है कि उसने पिलानी के एक कॉलेज संचालक को फोन कर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी देने के लिए उसने वॉइस मैसेज का सहारा लिया था और दावा किया था कि यह रोहित गोदारा का संदेश है। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भी गैंग की सक्रियता देखी गई है, जहां हाल ही में कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक शूटर और हैंडलर की हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रोहित गोदारा गैंग ने ली थी। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद राजस्थान एटीएस अपनी निगरानी बढ़ाए हुए है और गैंग के हर एक सहयोगी की धरपकड़ जारी है।

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